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साहू समाज की कार्यशाला में SSP ने बताए साइबर ठगी से बचने के तरीके

मुंगेली, 02 october, 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत मुंगेली पुलिस ने साहू समाज के लोगों को...



मुंगेली, 02 october, 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत मुंगेली पुलिस ने साहू समाज के लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। वैष्णवी मंगलम में आयोजित एक दिवसीय परिवार संस्कार कार्यशाला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने छत्तीसगढ़ी बोली में सरल तरीके से साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। जिला साहू संघ मुंगेली द्वारा 2 अक्टूबर को वैष्णवी मंगलम, बिलासपुर रोड में परिवार संस्कार कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पूर्व सांसद लखन लाल साहू, साहू समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष थानेश्वर साहू, जिला साहू अध्यक्ष पुहुप राम साहू सहित समाज के प्रमुख पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा और अन्य समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी भोजराम पटेल ने साइबर अपराधों को लेकर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने आम बोलचाल की छत्तीसगढ़ी भाषा में बताया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने लोगों से कहा कि अनजान व्यक्ति की ओर से फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से दिए जाने वाले किसी भी प्रलोभन पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को OTP, पासवर्ड, बैंक खाते और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।

एसएसपी ने छत्तीसगढ़ी में संदेश देते हुए कहा, “साइबर ठगी के झांसा म नइ आना हे, खुद जागरूक रहना हे अउ अपन परिवार, गांव-समाज के मनखे ला भी जागरूक करना हे।” उन्होंने कहा कि एक जागरूक व्यक्ति अपने साथ-साथ परिवार और आसपास के कई लोगों को साइबर अपराध का शिकार होने से बचा सकता है। कार्यशाला में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत सभी वर्गों को मोबाइल और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई। मोबाइल में मजबूत पासवर्ड रखने, अपना मोबाइल अनजान व्यक्ति को नहीं देने और सिम कार्ड अपने नाम पर ही खरीदने की समझाइश दी गई।

लोगों को यह भी बताया गया कि उनके नाम पर कितने मोबाइल सिम सक्रिय हैं, इसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए नजदीकी थाना या साइबर सेल में संपर्क कर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया बताई गई। कार्यक्रम में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन करने, KYC अपडेट कराने के नाम पर लिंक भेजने, फर्जी निवेश योजनाओं में ज्यादा मुनाफे का लालच देने, आसानी से लोन दिलाने का झांसा देने और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन ठगी के तरीकों के बारे में भी समझाया गया। एसएसपी ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने समाजजनों से स्वयं साइबर जागरूक बनने के साथ अपने परिवार, गांव और समाज के दूसरे लोगों तक भी साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने की अपील की।

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