कोरिया : सेवा की कहानी : ’नवगईं निवासी शैलेन्द्र को दादाजी से उपहार की तरह मिला आवास’ कोरिया 09 अक्टूबर 2026,दूसरे के खेतों में परिश्रम करके...
कोरिया : सेवा की कहानी : ’नवगईं निवासी शैलेन्द्र को दादाजी से उपहार की तरह मिला आवास’
कोरिया 09 अक्टूबर 2026,दूसरे के खेतों में परिश्रम करके आजीविका चलाने वाले श्रमिक परिवार के लिए उनके दादाजी के नाम से बना प्रधानमत्रंी आवास एक पारिवारिक उपहार की तरह है। यह उस युवा जोड़े के लिए दादाजी के उपहार की स्थायी पहचान बन गया है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत नवगईं में रहने वाले यादव परिवार के सदस्य शैलेन्द्र और उनकी पत्नी दूसरे के खेतों में परिश्रम से अपनी आजीविका चलाते हैं। कच्चे घर में रहने वाले इस परिवार को अपने दादाजी के नाम पर स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास प्राप्त हुआ है। यह उनके लिए दादाजी श्री रघुनाथ यादव के उपहार की तरह हो गया है। अब तीन पीढ़ियों का यह पूरा परिवार सुरक्षित और मजबूत पक्के आवास में खुशहाल जीवन यापन कर रहा है।
’पारिवारिक स्थिति’
यादव परिवार से आने वाले शैलेन्द्र के पास बेहद थोड़ी सी कृषि भूमि है जिस पर वह सामान्य तौर पर सब्जी की फसल लेते हैं। इसके अलावा उनके पास आजीविका के लिए दूसरे के खेतों में परिश्रम, गांव में पषुओं को चराना या फिर अकुषल रोजगारमूलक योजनाओं का ही सहारा है। ऐसी सीमित आय के बीच उनके लिए पक्के मकान का निर्माण करना एक कठिन चुनौती थी। उनकी आजीविका से आय केवल इतनी ही होती थी कि वह अपना जीवन निर्वाह कर सकें।
’आवास से संबल’
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत नवगईं निवासी श्री रघुनाथ यादव को एक पक्के आवास की स्वीकृति प्राप्त हुई। उनकी अवस्था ज्यादा होने के कारण वह अपने नाती शैलेन्द्र के साथ रहते हैं। ऐसे मे योजना से बने पक्के मकान ने उन्हे अपने नाती को उपहार की तरह पक्का आवास प्रदान कर दिया है। इस परिवार के लिए बने पक्के आवास ने तीन पीढ़ियों के संबंधों को एक मधुर डोर से बांध दिया है। पहले कच्चे मकान में बारिष और ठंड के मौसम मे होने वाली परेषानियों से यह दंपत्ति हमेशा संघर्ष करते रहते थे। लेकिन आवास निर्माण के बाद उनकी प्रमुख समस्या का निराकरण हो गया है।
’पहचान बना आवास’
अपने दादाजी श्री रघुनाथ यादव के नाम पर स्वीकृत हुए पक्के प्रधानमंत्री आवास में सपरिवार सुरक्षित जीवन जीने वाले शैलेन्द्र ने कहा कि यह केवल पक्का आवास नहीं बल्कि हमारी पारिवारिक डोर है। उन्होने इस उपहार के लिए अपने दादाजी और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह आवास हमारे दादाजी की एक स्थायी पहचान है जो आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहेगा।

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