विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में राज्य की टीम ने वैश्विक विशेषज्ञों से किया मंथन रायपुर, 15 सितंबर 2026। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें...
विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में राज्य की टीम ने वैश्विक विशेषज्ञों से किया मंथन
रायपुर, 15 सितंबर 2026। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने सक्रिय भागीदारी की। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य की टीम ने फोरम में शामिल होकर सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की आधुनिक तकनीकों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के अधिकतम उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। नवाचार और आधुनिक तकनीकों के जरिए कचरे का बेहतर प्रबंधन कर उसे उपयोगी संसाधन में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी।
प्रदर्शनी में देखीं रिसाइक्लिंग की नई तकनीकें
फोरम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, तकनीकी संस्थान और विशेषज्ञ शामिल हुए। यहां संसाधनों के बेहतर उपयोग, टिकाऊ उत्पादन-उपभोग, अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की टीम ने प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधन रिकवरी, कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने और सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया गया था।
शहरी विकास में उपयोगी मॉडल तलाशे
फोरम में राज्य की टीम ने देश-दुनिया में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझा। साथ ही छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधन दक्षता बढ़ाने के लिए उपयोगी तकनीकों और नवाचारों की संभावनाएं तलाशीं। खास तौर पर कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन और आर्थिक मूल्य में बदलने वाले समाधानों पर फोकस रहा।

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