गंभीर टाइफाइड, बुखार और घुटनों के दर्द का हुआ उपचार; योजना के तहत इलाज का खर्च वहन होने से परिवार पर नहीं पड़ा आर्थिक बोझ रायपुर, 29 सितंब...
गंभीर टाइफाइड, बुखार और घुटनों के दर्द का हुआ उपचार; योजना के तहत इलाज का खर्च वहन होने से परिवार पर नहीं पड़ा आर्थिक बोझ
रायपुर, 29 सितंबर 2026। बीमारी के साथ जब इलाज के खर्च की चिंता जुड़ जाए तो परिवार की मुश्किल बढ़ जाती है। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड के ग्राम कोलिहादेवरी निवासी भरतलाल निर्मलकर के सामने भी ऐसी ही स्थिति थी। गंभीर टाइफाइड, बुखार और घुटनों में दर्द के बाद उन्हें निजी अस्पताल में उपचार की जरूरत पड़ी। ऐसे समय में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड उनके लिए आर्थिक राहत का जरिया बना।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर भरतलाल ने निजी अस्पताल में उपचार कराया। बीमारी के चलते इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी चिंता बन सकता था, लेकिन आयुष्मान कार्ड के जरिए उपचार का खर्च योजना के अंतर्गत वहन होने से उन्हें आर्थिक बोझ की चिंता नहीं करनी पड़ी। समय पर उपचार मिलने के बाद अब वे स्वस्थ हैं।
इलाज मिला, खर्च की चिंता हुई दूर
भरतलाल बताते हैं कि आयुष्मान कार्ड होने के कारण इलाज के दौरान खर्च को लेकर उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई। योजना के माध्यम से उपचार की सुविधा मिलने से बीमारी के कठिन दौर में परिवार को आर्थिक सहारा मिला।
वे कहते हैं कि निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आयुष्मान कार्ड उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। उपचार पूरा होने के बाद अब वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
‘आयुष्मान कार्ड से बहुत बड़ी मदद मिली’
भरतलाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका इलाज निजी अस्पताल में हुआ और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज का खर्च वहन होने से उन्हें बड़ी मदद मिली। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार भी जताया।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई भरतलाल की यह कहानी बताती है कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के साथ इलाज के खर्च की चिंता भी परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों के लिए आयुष्मान योजना उपचार तक पहुंच और आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है।

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