प्रधानमंत्री आवास योजना से 1.12 लाख से अधिक मकान स्वीकृत, 96,801 आवास पूरे; पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को भी मिला सुरक्षित आशियाना ...
प्रधानमंत्री आवास योजना से 1.12 लाख से अधिक मकान स्वीकृत, 96,801 आवास पूरे; पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को भी मिला सुरक्षित आशियाना
रायपुर, 27 सितंबर 2026। कभी बारिश में टपकती छत और कमजोर दीवारों के बीच रात गुजारने वाले जशपुर जिले के हजारों परिवार अब पक्के घर में सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने इन परिवारों के लिए केवल मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्थायित्व का आधार तैयार किया है। जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 948 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 96 हजार 801 मकान पूरे हो चुके हैं।
पक्की छत मिलने से परिवारों को बारिश और मौसम की मार से राहत मिली है। घर के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता ने भी जीवन को आसान बनाया है। बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए सुरक्षित वातावरण मिलने से इन आवासों को बेहतर जीवन की नींव के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को पक्के घर
विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक आवास और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत भी काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 से 2025 तक जशपुर जिले में पीएम जनमन के अंतर्गत 2,100 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 1,614 से अधिक पूरे हो चुके हैं।
इससे विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को सुरक्षित आवास का लाभ मिला है। योजना के तहत आवास के साथ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क, दूरसंचार और आजीविका जैसी सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
आवास प्लस 2.0 में 1.02 लाख परिवारों का सर्वे
पक्के आवास से पात्र परिवार वंचित न रहें, इसके लिए आवास प्लस 2.0 के तहत जिले में पूर्व में छूटे परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। अब तक 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का सर्वे हो चुका है। पात्रता के आधार पर इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और संबंधित योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पक्की छत से बदली जिंदगी
जशपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना का असर केवल मकानों की संख्या तक सीमित नहीं है। पक्के घर ने परिवारों को मौसम की चिंता से राहत के साथ सुरक्षित वातावरण दिया है। पीएम जनमन और आवास प्लस 2.0 के जरिए इस सुविधा का दायरा दूरस्थ और जरूरतमंद परिवारों तक बढ़ाने का प्रयास जारी है।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ जशपुर में पक्के आवासों की यह तस्वीर बताती है कि एक सुरक्षित घर परिवार के वर्तमान को संवारने के साथ बेहतर भविष्य की नींव भी बन सकता है।

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