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एमएसएमई को नई रफ्तार देने पर मंथन, सीआईआई कॉन्क्लेव में जुटे 250 से ज्यादा उद्यमी

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ; ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वित्त, तकनीक और एआ...



उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ; ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वित्त, तकनीक और एआई पर हुई चर्चा

रायपुर, 28 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को गति देने में एमएसएमई की भूमिका और उसे मजबूत बनाने के उपायों पर राजधानी में दो दिवसीय सीआईआई एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 की शुरुआत हुई। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया। ‘नवाचार एवं सतत औद्योगिक विकास द्वारा एमएसएमई का सशक्तिकरण’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में 250 से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए।

एमएसएमई औद्योगिक विकास की मजबूत आधारशिला

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छोटे उद्योग, कारखाने और कार्यशालाएं छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। एमएसएमई के विस्तार के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, सुगम सड़क संपर्क और समय पर स्वीकृतियां जरूरी हैं। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में बेहतर कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य की उद्योग नीति में एमएसएमई के साथ समावेशी औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया है।

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति के केंद्र में एमएसएमई है। सरकार की कोशिश है कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के उद्यमियों को भी उद्योग लगाने और संचालन से जुड़ी सेवाएं उतनी ही आसानी और तेजी से मिलें, जितनी रायपुर में उपलब्ध हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में तैयार भूमि और प्लग-एंड-प्ले अधोसंरचना से छोटी औद्योगिक इकाइयों को जल्द उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी।

औद्योगिक मूल्य-श्रृंखला की रीढ़ हैं एमएसएमई

सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के चेयरमैन एवं बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक बजरंग गोयल ने एमएसएमई को राज्य की औद्योगिक मूल्य-श्रृंखला की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि सीआईआई उद्योग और सरकार के बीच सेतु के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल के संयोजक एवं आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड के निदेशक आदित्य मूंदड़ा ने कहा कि तकनीक, वित्त और अनुपालन सुधार एमएसएमई के विकास के तीन प्रमुख आधार हैं।

वित्त से लेकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तक चर्चा

‘एमएसएमई विकास का वित्त पोषण’ सत्र में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनम्र मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक 7.3 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीयन हो चुके हैं और क्रेडिट गारंटी योजना में एक करोड़ गारंटी का आंकड़ा पार हो चुका है। उन्होंने अप्रैल 2025 से लागू संशोधित एमएसएमई वर्गीकरण सीमाओं की भी जानकारी दी।

‘एमएसएमई विकास हेतु ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर उद्योग दृष्टिकोण’ सत्र में उद्योग संचालनालय के संचालक प्रभात मलिक ने सिंगल विंडो प्रणाली, समयबद्ध स्वीकृतियों और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

प्रश्नोत्तर सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने स्वीकृतियों की समय-सीमा, निरीक्षण, भूमि आवंटन और विलंबित भुगतान जैसे व्यावहारिक मुद्दे उठाए। क्रेडाई अध्यक्ष पंकज लाहोटी, ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश खेमानी और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने भी उद्योग जगत की ओर से सुझाव रखे। कॉन्क्लेव से सामने आए प्रमुख सुझावों को सीआईआई राज्य सरकार को सौंपेगा।

एआई से बड़े कॉर्पोरेट बनने तक मंथन

कॉन्क्लेव में ‘एआई एडवांटेज’ पर विशेष सत्र हुआ। इसमें एमएसएमई क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल और कारोबारी दक्षता बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके अलावा ‘एसएमई से बड़े कॉर्पोरेट तक की यात्रा’ विषय पर सीईओ राउंड टेबल में कारोबार के विस्तार, प्रबंधन और विकास से जुड़े अनुभव साझा किए गए।

दूसरे दिन शॉप-फ्लोर पर एआई और काइजेन का प्रशिक्षण

कॉन्क्लेव का दूसरा दिन एमएसएमई से जुड़े पेशेवरों के व्यावहारिक क्षमता निर्माण पर केंद्रित रहेगा। टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (टीपीएम) के जरिए मशीनों और उपकरणों की दक्षता बढ़ाने तथा डाउनटाइम कम करने के उपाय बताए जाएंगे।

इसके बाद ‘काइजेन विद एआई’ सत्र में शॉप-फ्लोर पर लगातार सुधार, उत्पादकता बढ़ाने और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।



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