हेल्प डेस्क, प्री-चेक, टोकन और डिजिटल भुगतान से बदली व्यवस्था; रोज 64 नागरिक ले रहे सेवाएं रायपुर, 19 सितंबर 2026। संपत्ति की रजिस्ट्री ज...
हेल्प डेस्क, प्री-चेक, टोकन और डिजिटल भुगतान से बदली व्यवस्था; रोज 64 नागरिक ले रहे सेवाएं
रायपुर, 19 सितंबर 2026। संपत्ति की रजिस्ट्री जैसे जरूरी काम के लिए अब रायगढ़ के नागरिकों को लंबी कतार और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ पंजीयन कार्यालय को मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। यहां हेल्प डेस्क से लेकर दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच, टोकन व्यवस्था और डिजिटल भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को नागरिकों की सुविधा के हिसाब से व्यवस्थित किया गया है।
कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं ले रहे हैं और 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। अब तक मिले फीडबैक में 105 सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।
प्रवेश से पंजीयन तक 9 चरणों में पूरी प्रक्रिया
मॉडल कार्यालय में पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में बांटा गया है। प्रवेश के बाद हेल्प डेस्क पर मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन, व्यवस्थित प्रतीक्षा, पंजीयन, डिजिटल या कैशलेस भुगतान, दस्तावेज एवं स्टेटस की जानकारी और कार्य पूरा होने के बाद निकास तक हर चरण को व्यवस्थित किया गया है।
दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच से कमियां शुरुआत में ही सामने आ जाती हैं। इससे पंजीयन के अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और अतिरिक्त समय दोनों बचते हैं। टोकन आधारित कतार प्रबंधन से भीड़ को व्यवस्थित किया गया है।
शुल्क और भुगतान की जानकारी भी डिजिटल
मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले पर उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल और कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग सुविधा
कार्यालय में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था की गई है। नागरिक क्यूआर कोड के जरिए अपने अनुभव और सुझाव भी सीधे साझा कर सकते हैं।
आईटी सिस्टम से लेकर कार्यसंस्कृति तक बदलाव
सेवाओं को निर्बाध रखने के लिए समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना तैयार की गई है। व्यवस्था में तकनीक के साथ सरल प्रक्रिया, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से विकसित यह मॉडल पंजीयन कार्यालय सरकारी सेवाओं में तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली के इस्तेमाल का उदाहरण बनकर सामने आया है। इसका उद्देश्य नागरिकों के समय का सम्मान करते हुए पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना है।

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