कोलकाता। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े एक पाकिस्तानी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया...
कोलकाता। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े एक पाकिस्तानी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मॉड्यूल पर पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के मंत्रियों और उनके परिजनों को कथित तौर पर हनी-ट्रैप में फंसाने, संवेदनशील जानकारी जुटाने और फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रचने का आरोप है। मामले में अब तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
ISI की भूमिका का दावा
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि मॉड्यूल को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ मंत्रियों और उनके बेटों को निशाना बनाने के लिए महिलाओं की भर्ती करने का जिम्मा दिया गया था।
इन्फ्लुएंसर्स और युवतियों के इस्तेमाल का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर युवा महिलाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल हनी-ट्रैप ऑपरेशन के लिए किया जा रहा था। एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार भी शामिल है। एजेंसी का दावा है कि भर्ती किए जाने वाले लोगों को इसके बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था।
अपहरण की भी थी कथित साजिश
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल केवल जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं था। जांच में यह भी आरोप है कि कुछ मंत्रियों के बेटों का अपहरण कर फिरौती वसूलने की योजना बनाई जा रही थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ ने इस मामले में पूर्वी बर्धमान से मोहम्मद हमीम मंडल, झारखंड से उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार और हावड़ा से आदित्य सिंह को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मॉड्यूल के अन्य संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो आतंकी संगठनों द्वारा हनी-ट्रैप और सोशल मीडिया नेटवर्क के इस्तेमाल जैसी रणनीतियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन सकती हैं।

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