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मैट्स विश्वविद्यालय के नितिन ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय फैलोशिप से बढ़ाया विश्वविद्यालय का मान

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप पाने वाले मैट्स के पहले शोधार्थी बने नितिन चेलक रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के मै...



अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप पाने वाले मैट्स के पहले शोधार्थी बने नितिन चेलक

रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस के शोधार्थी नितिन कुमार चेलक ने विश्वविद्यालय के नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। नितिन अपने विभाग और विश्वविद्यालय के पहले ऐसे शोधार्थी बन गए हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप प्रदान की गई है। यह फैलोशिप भारत सरकार की महत्वपूर्ण शोध सहायता योजनाओं में शामिल है।

नितिन चेलक ने मैट्स विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वे पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना चंद्राकर के मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे हैं।

शोधार्थियों के लिए विश्वविद्यालय के सहयोग को मिली पहचान

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह उपलब्धि नितिन की मेहनत, लगन और शोध के प्रति समर्पण के साथ-साथ विश्वविद्यालय की सहयोगी शैक्षणिक व्यवस्था का परिणाम है। विश्वविद्यालय की ओर से शोधार्थियों को मार्गदर्शन, शोध सुविधाएं और शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी फैलोशिप और शोध अवसरों के लिए आगे बढ़ सकें।

फैलोशिप प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी तथा आवेदन की जांच एवं प्रमाणीकरण से जुड़े अधिकारियों की ओर से दिए गए मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

कुलाधिपति समेत शिक्षकों ने दी बधाई

नितिन चेलक की इस उपलब्धि पर मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव, महानिदेशक प्रियेश पगारिया, कुलसचिव गोकुलानंद पंडा, उपकुलसचिव डॉ. रमेश कुमार साहू, विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. साहित्यांजलि चंद्र, संजय शाहजीत, ओमलता साहू, लुकेश मिर्चे, सहायक ग्रंथपाल शशिकांत कोसरे सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी।

विश्वविद्यालय परिवार ने नितिन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य शोधार्थियों को भी उच्च स्तरीय शोध और अकादमिक उपलब्धियों के लिए प्रेरित करेगी।

पिरदा गांव में भी खुशी का माहौल

नितिन कुमार चेलक रायपुर के मंदिर हसौद क्षेत्र के पिरदा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता संतराम चेलक ने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। नितिन की सफलता की खबर मिलने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। गांव में भी उनकी उपलब्धि को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल रहा।

नितिन की यह सफलता न केवल उनके परिवार और गांव के लिए गौरव का विषय है, बल्कि मैट्स विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


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