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सफलता की कहानी : विकसित भारत जी-राम-जी योजना: जल संरक्षण से समृद्धि तक का सफर

रायपुर, 07 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जल संरक्षण आधारि...





रायपुर, 07 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जल संरक्षण आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के अंतर्गत सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कालामांजन में निर्मित मिट्टी बांध इसका प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।

यह बांध आज केवल जलसंचयन संरचना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीण रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन गया है। जल संरक्षण से शुरू हुई यह पहल अब ग्रामीण समृद्धि के नए मॉडल के रूप में उभर रही है।

ग्राम कालामांजन के किसान श्री सुखनंदन सिंह इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। पहले वे केवल पारंपरिक धान खेती पर निर्भर थे, जिससे सीमित आय होती थी। मिट्टी बांध बनने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया। आज वे इससे प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।

शासन द्वारा उन्हें वर्ष में दो किश्तों में तीन-तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही मछली बीज, जाल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनका व्यवसाय निरंतर मजबूत हो रहा है।

श्री सुखनंदन सिंह बताते हैं कि मछली पालन से होने वाली अतिरिक्त आय से वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित कर पा रहे हैं तथा खेती के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में सक्षम हुए हैं। वे इस परिवर्तन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

इस मिट्टी बांध का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। आसपास के कई किसान इस जलस्रोत का उपयोग धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। इससे खेतों में नमी बनी रहती है, सिंचाई की उपलब्धता बढ़ी है और कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

योजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष स्थानीय रोजगार सृजन भी रहा। बांध निर्माण कार्य के दौरान गांव के अनेक श्रमिकों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिला, जिससे पलायन की आवश्यकता कम हुई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

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