रायपुर। मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन, मैट्स यूनिवर्सिटी गुल्लू (आरंग) में विद्यार्थियों और भावी शिक्षकों के लिए बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और संवै...
रायपुर। मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन, मैट्स यूनिवर्सिटी गुल्लू (आरंग) में विद्यार्थियों और भावी शिक्षकों के लिए बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और संवैधानिक मूल्यों पर विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शुभम तोमर ने विद्यार्थियों को बाल संरक्षण कानूनों और उनके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, सरस्वती वंदना और राष्ट्रगीत के साथ हुई। शुभम तोमर ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी केवल बच्चों को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी शिक्षकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण बनाया जा सके।
उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता, यौन उत्पीड़न, शिक्षा का अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम और बाल अधिकारों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को शिक्षा के माध्यम से समाज तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने बाल संरक्षण, कानूनी प्रक्रिया और शिक्षकों की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य वक्ता ने व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए उनके जवाब दिए। संवादात्मक सत्र से विद्यार्थियों को कानून और शिक्षा के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन की अधिष्ठाता प्रो. परविंदर हंसपाल, प्राचार्य प्रो. संजीत तिवारी, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। अंत में मुख्य वक्ता शुभम तोमर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव, कुलसचिव गोकुलानंद पंडा और महानिदेशक प्रीयेश पगारिया ने आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया।


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