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सहमति के बाद भी अटका 10 हजार कर्मचारियों का हक, अब सीएम से मुलाकात के बाद क्या होगा?

रायपुर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग और पावर कंपनियों से जुड़े 12 कर्मचारी संघों के प्रांतीय पदाधिकारियों ने म...


रायपुर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग और पावर कंपनियों से जुड़े 12 कर्मचारी संघों के प्रांतीय पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री के सामने एक सूत्री मांग रखते हुए कहा कि अक्टूबर 2023 में ऊर्जा विभाग की ओर से पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए लिखित सहमति दिए जाने के बावजूद पावर कंपनियों में इसे अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि 1 जनवरी 2004 या उसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग और राज्य की पावर कंपनियों में नियुक्त करीब 10 हजार अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हैं। संगठनों का कहना है कि शासन की सहमति के बाद भी पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा पुरानी पेंशन लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।


मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कार्यालयीन कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव धर्मेंद्र देवांगन और योगेंद्र कश्यप, अभियंता संघ के मनोज वर्मा व प्रतीक शुक्ला, पत्रोपाधी संघ के श्रीकांत बड़गैया, विद्युत विभाग फेडरेशन के आरसी चेट्टी व सुरेंद्र शुक्ला, जनता यूनियन के अनिल द्विवेदी व अजय बाबर, बिजली कर्मचारी महासंघ के संजय तिवारी व नवरतन बरेठ, विद्युत कर्मचारी संघ इंटक-56 के एनपी मिश्रा व राम इकबाल, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के आरएल ध्रुव व हर्षवर्धन पाटले, तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन के जितेंद्र मालाकार व श्रीकांत सिंह ठाकुर, तकनीकी कर्मचारी संघ के जीतराम खूंटे व नरेश भास्कर, डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष डॉ. निलेश सिंह और कर्मचारी ऑफिसर्स एसोसिएशन के गोपाल गोहिल शामिल रहे।


1235 पदों पर भर्ती के फैसले का स्वागत


प्रतिनिधिमंडल ने पावर कंपनियों में विभिन्न संवर्गों के 1235 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब पावर कंपनी में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती की जा रही है।


अब फैसले का इंतजार


कार्यालयीन कर्मचारी संघ के महासचिव धर्मेंद्र देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संघों की ओर से रखी गई बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस मामले में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आने का आश्वासन दिया है। अब कर्मचारी संगठनों की नजर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद होने वाली अगली कार्रवाई पर है। करीब 10 हजार कर्मचारियों से जुड़ी पुरानी पेंशन की मांग पर सरकार का अगला कदम क्या होगा, इसका इंतजार किया जा रहा है।

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