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केरल में मानसून की आज दस्तक सुनाई देने के पूरे-पूरे आसार

यही वह जगह है, जहां से छत्तीसगढ़ में प्रवेश होता है बरसात के मौसम का   नई दिल्ली। केरल में अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देन...



यही वह जगह है, जहां से छत्तीसगढ़ में प्रवेश होता है बरसात के मौसम का 
 नई दिल्ली। केरल में अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने के आसार बने हुये हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। केरल से ही मानसून छत्तीसगढ़ में भी प्रवेश करता है।
मौसम विभाग ने मानसून की प्रगति और देश भर के मौसम को लेकर विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।इसके प्रभाव से अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक बारिश (सात से 20 सेंटीमीटर तक) होने का प्रबल अनुमान है। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है।विभाग ने आगाह किया है कि इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में गरत के साथ बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।पिछले 24 घंटों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी, जबकि मध्य महाराष्ट्र, असम, मेघालय, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में भारी बारिश हुई। इसके साथ ही उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 70-95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आया।जम्मू-कश्मीर, अंडमान-निकोबार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश और सौराष्ट्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। 
एमपी में गिरे ओले 
इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी आयी।पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र, कच्छ और आंतरिक महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि देश के शेष हिस्सों में यह 38 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक तापमान तेलंगाना के खम्मम में 43.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। असम, मेघालय, बिहार और हिमाचल प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और बिहार में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 से पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया।विभाग के अनुसार, बिहार में पांच से नौ जून, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सात से नौ जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आठ-नौ जून के बीच लू चल सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और ओडिशा में सात जून तक मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। खराब मौसम देखते हुए मछुआरों को तीन से आठ जून के दौरान बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और अरब सागर के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गयी है।राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर के क्षेत्रों में तीन से छह जून के दौरान आमतौर पर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान शाम और रात के समय 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं एवं धूल भरी आंधी चल सकती है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस अवधि में दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं।

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