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राज्य शासन की भूमि आवंटन प्रक्रिया में आएगी तेजी

रायपुर, 30 जून 2026 / राज्य शासन ने विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थाओं, सहकारी बैंकों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के ल...


रायपुर, 30 जून 2026 / राज्य शासन ने विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थाओं, सहकारी बैंकों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए शासकीय भूमि आवंटन से जुड़े मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण की दिशा में एक बड़ी पहल की है। इसी कड़ी में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में शासकीय भूमि आवंटन संबंधी विचारार्थ अंतरविभागीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई।


बैठक की मुख्य बातें और निर्णय


यह उच्च स्तरीय बैठक राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी के मार्गदर्शन में विचारार्थ प्रकरण सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। 12 महत्वपूर्ण मामलों पर मंथनरू बैठक के दौरान कुल 12 प्रमुख प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें मुख्य रूप से आवासीय प्रयोजन, बैंक शाखा भवन, सामाजिक भवन, विद्यालय, ऑडिटोरियम निर्माण और विभिन्न संस्थाओं को शासकीय भूमि आवंटन से जुड़े मामले शामिल हैं।


विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण


बैठक में रायपुर, धमतरी, कवर्धा और जगदलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त भूमि आवंटन संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत विभागीय परीक्षण रिपोर्ट, आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (छव्ब्), ऑडिट संबंधी दस्तावेज एवं अन्य विधिक अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।


समयबद्ध निराकरण के निर्देश


राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी प्रकरणों की तथ्यात्मक और विधिसम्मत तैयारी समय पर पूरी की जाए, ताकि पात्र संस्थाओं तथा जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण हो सके।


जनहित और विकास कार्यों को मिलेगी नई गति


राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए क हा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता जनहित और विकास कार्यों के लिए शासकीय भूमि का पारदर्शी, न्यायसंगत और नियमसम्मत उपयोग सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से हर प्रस्ताव का विधिक, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं के आधार पर कड़ा परीक्षण कर निर्णय लिया जाएगा। इस बैठक में लिए गए निर्णयों से आने वाले समय में प्रदेश के भीतर शिक्षा, बैंकिंग, सामाजिक अधोसंरचना और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार को एक नई गति और मजबूती मिलेगी।

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