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भिलाई स्टील प्लांट विस्तार पर मंथन शुरू

भिलाई, 3 जून। भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन क्षमता को 6.8 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 10.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने की प्रस्तावित विस्त...




भिलाई, 3 जून। भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन क्षमता को 6.8 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 10.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने की प्रस्तावित विस्तार परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय विक्रेता सहयोग सम्मेलन ‘समन्वय-2026’ का शुभारंभ बुधवार को किया गया। सम्मेलन में देशभर की 100 से अधिक कंपनियों के 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

भिलाई निवास में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र ने किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी.के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) अरुण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी तथा कार्यवाहक कार्यपालक निदेशक (खदान) आर.बी. गहरवार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में चित्त रंजन महापात्र ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2030-31 तक देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र की क्षमता वृद्धि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण इस्पात की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे उद्योग के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रणालियों और सुरक्षित कार्य-पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया। साथ ही सभी हितधारकों से समयबद्ध ढंग से परियोजना को पूर्ण करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी.के. सरकार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की अवधारणा और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयंत्र की क्षमता वृद्धि केवल इंजीनियरिंग उत्कृष्टता से संभव नहीं होगी, बल्कि सभी सहयोगी संस्थाओं और विक्रेताओं के बीच मजबूत समन्वय भी आवश्यक होगा।

दो दिवसीय सम्मेलन में क्षमता विस्तार से जुड़ी तकनीकी सुविधाओं, इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, गुणवत्ता मानकों, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स एकीकरण तथा विशेषज्ञों के साथ तकनीकी संवाद जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र का संचालन उप महाप्रबंधक (परियोजनाएं) अभिषेक श्रीवास्तव और सहायक महाप्रबंधक (परियोजनाएं) जया तिवारी ने किया।

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