——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

संवेदनशील शासन, सशक्त दिव्यांग : सहायक उपकरणों ने लौटाया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता

रायपुर, 24 जून 2026 / छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासनिक पहल दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संच...


रायपुर, 24 जून 2026 / छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासनिक पहल दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत संतोषीनगर के दो दिव्यांग हितग्राहियों को बैसाखी एवं ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन की राह पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का लाभ ग्राम संतोषीनगर निवासी श्री जादो मिस्त्री को मिला, जो दाएं हाथ और पैर से दिव्यांग हैं। शारीरिक चुनौतियों के कारण उनके लिए घर से बाहर निकलना और दैनिक कार्यों का संचालन करना बेहद कठिन था। आवागमन के लिए उन्हें अक्सर दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उनकी आवश्यकता को समझते हुए समाज कल्याण विभाग ने उन्हें बैसाखी और ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। सहायक उपकरण मिलने के बाद अब वे स्वतंत्र रूप से अपने कार्य कर पा रहे हैं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।

इसी तरह लकवा से प्रभावित श्री रविन्द्र नाथ मंडल को भी बैसाखी और ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। शारीरिक असुविधा के कारण सामान्य गतिविधियां भी उनके लिए चुनौती बन गई थीं। शासन की त्वरित पहल से मिले सहायक उपकरणों ने उनके जीवन को नई गति दी है। अब उनका आवागमन पहले की अपेक्षा काफी सहज हो गया है और वे अपने कार्य स्वयं करने के लिए प्रेरित महसूस कर रहे हैं।    

यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार केवल योजनाएं संचालित नहीं कर रही, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना भी सुनिश्चित कर रही है। दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयास समाज में समावेशी विकास की भावना को मजबूत कर रहे हैं।

श्री जादो मिस्त्री और श्री रविन्द्र नाथ मंडल की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि समय पर मिली सहायता किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है। बैसाखी और ट्राइसाइकिल उनके लिए सिर्फ सहायक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और नए अवसरों की प्रतीक बन गई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल दिव्यांग सशक्तिकरण के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रही है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को साकार कर रही है।

No comments