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नारायणपुर में अंधत्व निवारण अभियान को बड़ी सफलता : 93 मोतियाबिंद मरीजों के जीवन में लौटी रोशनी

रायपुर, 25 जून 2026/ नारायणपुर जिले में मोतियाबिंद मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सफलता मिल रही है। कलेक्टर के कुशल निर्देशन एवं...


रायपुर, 25 जून 2026/ नारायणपुर जिले में मोतियाबिंद मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सफलता मिल रही है। कलेक्टर के कुशल निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टिबाधिता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में व्यापक स्तर पर मोतियाबिंद रोगियों की पहचान और उनका निशुल्क उपचार किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में माह अप्रैल 2026 से 24 जून 2026 तक रिकॉर्ड समय में जिले के कुल 93 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है, जिससे उनके जीवन में नया उजाला आया है।


गंभीर मरीजों को दी जा रही है प्राथमिकता


 स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, नारायणपुर जिले में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को चिह्नित कर उनका चरणबद्ध तरीके से इलाज किया जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान एक आंख और दोनों आंखों की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीजों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में चिह्नित दोनों आँखों से प्रभावित मरीज 268 मरीजों में से अब तक 47 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जबकि शेष 221 मरीजों का उपचार प्रक्रिया में है। इसी प्रकार एक आंख की समस्या वाले चिह्नित 604 मरीजों में से 46 मरीजों का सफल ऑपरेशन संपन्न हो चुका है और बचे हुए 558 मरीजों का उपचार जल्द किया जाएगा।


गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें


वित्तीय वर्ष 2026-27 को जिले में मोतियाबिंद उन्मूलन के लिए एक विशेष अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें अंदरूनी और दूरदराज के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की आंखों की जांच (स्क्रीनिंग) कर रही हैं। इस जमीनी कवायद का मुख्य उद्देश्य मोतियाबिंद के मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें अंधत्व का शिकार होने से बचाना है।

   

दृष्टि पुनर्सथापना ही हमारा मुख्य लक्ष्य


जिला प्रशासन के अनुसार शेष बचे सभी चिह्नित मरीजों के ऑपरेशन और उपचार की प्रक्रिया लगातार जारी है। विभाग का अंतिम लक्ष्य सभी पात्र मरीजों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी दृष्टि वापस लौट सके और वे एक बेहतर जीवन जी सकें।

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