रायपुर, 27 मई 2026 / ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और स्थायी विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठ...
रायपुर, 27 मई 2026 / ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और स्थायी विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (वीबी-जी-राम-जी मिशन) पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बलरामपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
’मनरेगा के मुकाबले अब 25 दिन अधिक रोजगार’
केन्द्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए कानून के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जबकि पूर्व में संचालित मनरेगा (डळछत्म्ळ।) के तहत यह सीमा केवल 100 दिनों की थी। वीबी-जी-राम-जी मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका सुदृढ़ीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है।
’योजना की मुख्य विशेषताएं और नियम’
ग्रामीण परिवार ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित 15 दिनों की समयावधि में प्रशासन रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो पात्र हितग्राही को नियमतः बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए श्रमिकों की मजदूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (क्ठज्) के माध्यम से सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में भेजी जाएगी। योजना के तहत महिला श्रमिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष नीतिगत प्रावधान किए गए हैं।
’कार्यस्थल पर सुविधाएं’
सभी कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया, प्राथमिक उपचार (थ्पतेज ।पक ज्ञपज) और छोटे बच्चों की देखभाल (क्रेश) जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
’इन कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता’
वीबी-जी-राम-जी मिशन के तहत जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण, पशुपालन, मत्स्य विकास, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति से ही जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन होगा।
’15 जून तक पुराने मनरेगा कार्य पूरे करने का लक्ष्य’
कलेक्टर के निर्देशानुसार, वर्तमान में जिले में चल रहे मनरेगा के पुराने व स्वीकृत कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है। सभी जनपद पंचायतों को 15 जून 2026 तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने का डेडलाइन दिया गया है, ताकि मानसून आगमन से पहले अधूरे निर्माण कार्य पूरे हो सकें और बारिश के मौसम में सीधे वृक्षारोपण व जल संरक्षण के कार्यों को शुरू किया जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इस नई कल्याणकारी योजना की बारीकियों को समझने, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों व ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
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