रायपुर। शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई अब और नहीं रहेगी! मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बॉश इंडिया फाउंडेशन के स...
रायपुर। शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई अब और नहीं रहेगी! मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बॉश इंडिया फाउंडेशन के साथ बेंगलुरु स्थित बॉश मुख्यालय में LEAP – Livelihoods Enhancement through Automotive Skills Development Program के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग न केवल तकनीकी प्रशिक्षण को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि छात्रों को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा।
300 घंटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण, सीधा रोजगार की दिशा में कदम
इस विशेष कार्यक्रम के तहत मैट्स विश्वविद्यालय के छात्र ऑटोमोटिव सर्विस टेक्नीशियन और ऑटोमोटिव सर्विस एडवाइज़र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 300 घंटे का अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण पारंपरिक कक्षा से आगे बढ़कर कंप्यूटर लैब, इन-हाउस ऑटोमोटिव वर्कशॉप और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से होगा, जिससे छात्रों को मिलेगा हैंड्स-ऑन अनुभव और व्यवहारिक ज्ञान।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले कम से कम 70% छात्रों को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा, जो देश में कौशल विकास की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
ग्रामीण युवाओं और NEET छात्रों के लिए बन सकती है जीवन बदलने वाली पहल
यह कार्यक्रम खास तौर पर उन युवाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में फिलहाल शामिल नहीं हैं यानी NEET (Not in Education, Employment or Training) श्रेणी के हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा, जो आमतौर पर तकनीकी प्रशिक्षण और बड़े औद्योगिक ब्रांड्स से दूर रहते हैं।
नेतृत्व, मार्गदर्शन और बधाइयों की बौछार
इस ऐतिहासिक पहल का नेतृत्व डॉ. बृजेश पटेल, डीन – अनुसंधान एवं विकास ने किया। विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया और महानिदेशक श्री प्रियांश पगारिया के दूरदर्शी मार्गदर्शन के बिना यह पहल संभव नहीं थी।
कुलपति प्रो.(डॉ.) के. पी. यादव ने पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं, वहीं रजिस्ट्रार श्री गोकुलानंद पांडा ने इसे विश्वविद्यालय की बड़ी सफलता बताते हुए टीम को बधाई दी।
मैट्स बना बॉश इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग केंद्र वाला क्षेत्र का पहला विश्वविद्यालय
इस MOU के साथ, मैट्स विश्वविद्यालय अब छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्र का ऐसा पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जहाँ बॉश इंडिया फाउंडेशन का इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग केंद्र स्थापित होगा। इसका मतलब यह है कि छात्रों को अब वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और करियर निर्माण के अवसर रायपुर में ही मिलेंगे।
क्यों खास है यह समझौता?
✔ बॉश जैसा वैश्विक ब्रांड अब रायपुर के छात्रों के लिए
✔ रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण – सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं, करियर भी
✔ डिजिटल, व्यवहारिक और सॉफ्ट स्किल्स का संपूर्ण पैकेज
✔ ग्रामीण और NEET छात्रों के लिए बड़ा अवसर

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