——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा: सीएम साय

यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव में स्टार्टअप, कृषि और तकनीक पर युवाओं से सीधा संवाद; मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ का प्राव...



यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव में स्टार्टअप, कृषि और तकनीक पर युवाओं से सीधा संवाद; मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ का प्रावधान

रायपुर, 29 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के जरिए दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने वाले बनें। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री साय मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता, अधोसंरचना और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध करा रही है।

स्टार्टअप और निपुण योजना के लिए 500 करोड़

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

नई औद्योगिक नीति-2024 में भी नए उद्यमियों के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों की उद्यमिता को विशेष प्रोत्साहन देने के साथ स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

साय ने युवाओं से नई औद्योगिक नीति का अध्ययन कर उसमें उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग लगाने की प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।

नई औद्योगिक नीति के बाद 8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें से कई परियोजनाओं पर जमीन पर काम भी शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि परंपरागत उद्योगों के साथ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा क्षमता, देश के मध्य में भौगोलिक स्थिति और बेहतर होती सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार कर रही है।

2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने का प्रयास हो रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करीब 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा। युवाओं, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में आगे आना होगा।

किसान परिवार से आने वाले साय ने युवाओं को बताए कृषि के नए रास्ते

युवाओं के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने किसान परिवार और गांव बगिया से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं खेती-किसानी, हल चलाने और पशुपालन से जुड़े रहे हैं। इसलिए कृषि की चुनौतियों और संभावनाओं को करीब से समझते हैं।

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है। आधुनिक तकनीक और नवाचार को खेती से जोड़कर युवाओं के लिए उद्यमिता के बड़े अवसर तैयार किए जा सकते हैं। कृषि के साथ जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी युवा नए उद्यम खड़े कर सकते हैं।

इमली-महुआ से सुगंधित चावल तक, वैल्यू एडिशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने वन संपदा और कृषि जैव विविधता की समृद्ध विरासत दी है। जरूरत इन संसाधनों का बेहतर वैल्यू एडिशन करने की है, ताकि स्थानीय लोगों को उसका अधिक लाभ मिल सके।

बस्तर समेत वन क्षेत्रों में इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज उपलब्ध है। आधुनिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए युवा इनसे नए उद्यम खड़े कर सकते हैं। इससे स्थानीय रोजगार और वनांचल की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

सुगंधित चावल के निर्यात से जुड़े सवाल पर साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी कई विशिष्ट धान किस्में यहां हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय हजारों धान किस्मों का संरक्षण कर रहा है।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात की पूरी श्रृंखला विकसित करनी होगी। इससे किसानों को बेहतर मूल्य और कृषि आधारित स्टार्टअप्स को नए बाजार मिलेंगे।

युवाओं ने पूछे फंडिंग, लोन और फिल्म सिटी से जुड़े सवाल

कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप फंडिंग, लोन में कोलेटरल, सरकारी योजनाओं के सहयोग, रोजगार सृजन, हॉर्टिकल्चर विद्यार्थियों के कौशल, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तथा प्रस्तावित फिल्म सिटी से मिलने वाले अवसरों को लेकर सवाल किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और व्यवसाय की प्रकृति तेजी से बदल रही है। सरकार युवाओं की आकांक्षाओं और बदलती तकनीक के अनुरूप नई संभावनाओं और व्यवस्थाओं पर काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से असफलता से न डरने और नए प्रयोग करने का साहस रखने की अपील की।

बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर में अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने बायोसेफ्टी लेवल लैब, एनिमल कल्चर लैब, माइक्रोबियल सेल और प्लांट टिश्यू कल्चर लैब समेत विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। सेंटर में स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई-वेट लैब, प्लग एंड प्ले ऑफिस, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन लैब और एनालिटिकल टेस्टिंग की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

साय ने कहा कि यह केंद्र युवाओं के लिए ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से एंटरप्राइज’ तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यहां स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, तकनीक हस्तांतरण, उत्पाद विकास और संस्थागत सहयोग मिलेगा।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण

मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेशन सेंटर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मौलश्री का पौधा रोपा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण पर जोर दिया।

एग्रीटेक से एआई और डीप-टेक तक नवाचारों का मंच

तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े स्टार्टअप्स अपने नवाचार और उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।

कॉन्क्लेव में विद्यार्थी, शोधकर्ता, नवाचारकर्ता, स्टार्टअप, निवेशक और उद्योग जगत एक मंच पर आए हैं। यहां नए विचारों को तकनीक, बाजार और निवेश से जोड़ने पर चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी में प्रतिभा और सामर्थ्य की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर और मंच देने की है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और नवाचार से आगे बढ़ने के साथ दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार और अवसर पैदा कर सकते हैं।

No comments