——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़: हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर पहुंचकर DM ने परखी व्यवस्थाएं

  देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री Pushk...

 



देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर सुविधाओं का फीडबैक लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंजीकरण प्रक्रिया, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया, सुरक्षा और सहायता केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं लगातार सुचारु बनी रहें।

श्रद्धालुओं से लिया फीडबैक

जिलाधिकारी ने पंजीकरण कराने पहुंचे यात्रियों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उन्हें रजिस्ट्रेशन में किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही। कई श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया, जबकि अधिकारियों को भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का कहना है कि यात्रा सीजन में हर दिन हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं, ऐसे में पंजीकरण केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हो रहा पंजीकरण

इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि अब तक ऑनलाइन माध्यम से 37 लाख 28 हजार 571 श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं ऋषिकुल मैदान स्थित ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर अब तक 1 लाख 94 हजार 172 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।

अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी पहुंच रहे हैं जो मौके पर ही ऑफलाइन पंजीकरण कर यात्रा पर निकलना चाहते हैं। इसी वजह से ऑफलाइन केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर फोकस

राज्य सरकार इस बार चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। प्रशासन की कोशिश है कि यात्रियों को लंबी कतारों और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, यातायात और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

No comments