रायपुर, 20 मई 2026 / देश के सबसे सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में शुमार सुकमा जिले ने डिजिटल नवाचार और प्रशासनिक कार्यकुशलता के दम पर जनगणना...
रायपुर, 20 मई 2026 / देश के सबसे सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में शुमार सुकमा जिले ने डिजिटल नवाचार और प्रशासनिक कार्यकुशलता के दम पर जनगणना कार्य में एक नई मिसाल पेश की है। भारत की जनगणना 2027 के प्रारंभिक चरणों के तहत नई दिल्ली स्थित महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय तथा राज्य जनगणना निदेशालय (रायपुर) के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जगरगुंडा तहसील के ग्राम पूवर्ती और चिंतलनार का जमीनी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सुकमा जिला तमाम कठिन भौगोलिक और विषम परिस्थितियों के बावजूद जनगणना कार्य को तय समय-सीमा से पहले पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय टीम ने स्थानीय प्रशासन की इस त्वरित कार्यशैली और मुस्तैद तैयारियों की मुक्तकंठ से सराहना की।
मोबाइल ऐप से लाइव डिजिटल जनगणना ने खींचा ध्यान
क्षेत्र में तकनीकी दक्षता का आकलन करने के लिए अधिकारियों ने दोनों गांवों में प्रगणकों के कार्यों को बारीकी से देखा। ग्राम पूवर्ती का प्रगणक श्री जवाराम पटेल के कार्यों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्वयं कुछ घरों का दौरा किया और नागरिकों से पूछे गए 33 सवालों के उत्तरों का मोबाइल ऐप में दर्ज डेटा से मिलान किया, जो शत-प्रतिशत सही पाया गया। ग्राम चिंतलनार में प्रगणक श्री संतुराम नेताम ने मोबाइल ऐप के माध्यम से लाइव जनगणना कार्य का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर ऐप में रियल-टाइम जानकारी दर्ज करवाई और पूरी तकनीकी प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस पेपरलेस डिजिटल व्यवस्था ने प्रशासन की पारदर्शिता और फील्ड स्टाफ की तकनीकी दक्षता को साबित किया।
मौके पर ही तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान
निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक के नक्शा आवंटन से जुड़ी एक तकनीकी समस्या सामने आई। अधिकारियों के संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन और तकनीकी नोडल टीम ने फौरन कार्रवाई की और मौके पर ही समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया, जिससे कार्य की गति प्रभावित नहीं हुई।
सुशासन और जन-भागीदारी का समन्वय
तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री योचेंद्र कुमार पात्रे, सुपरवाइजरों और स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से संपन्न यह निरीक्षण सुकमा जिला प्रशासन के सुशासन, तत्परता और मजबूत कार्यप्रणाली का बेहतरीन उदाहरण बना। अधिकारियों ने सुदूर पूवर्ती क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य के साथ-साथ विकास कार्यों में ग्रामीणों के सकारात्मक सहयोग की भी सराहना की। सुकमा जिले की यह शानदार उपलब्धि स्पष्ट करती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल से देश के अत्यंत दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सुशासन तथा विकास को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सकता है।
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