चमोली। पंच केदारों में शामिल चतुर्थ केदार Rudranath Temple के कपाट सोमवार को शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धाल...
चमोली। पंच केदारों में शामिल चतुर्थ केदार Rudranath Temple के कपाट सोमवार को शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के दौरान पूरा धाम “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान रुद्रनाथ के एकानन स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
रविवार को भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली Gopinath Temple से भक्तों के साथ मध्य हिमालय स्थित रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया, वहीं सेना के बैंड की धुनों और शिव जयकारों के बीच माहौल भक्तिमय बना रहा।
मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि परंपरा के अनुसार सोमवार मध्याह्न में मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोले गए। अब आगामी महीनों तक श्रद्धालु रुद्रनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे।
इधर यात्रा सीजन को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हाल ही में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मार्ग की स्थिति, संवेदनशील स्थानों, विश्राम स्थलों और संभावित प्राकृतिक जोखिमों का आकलन किया गया।
टीम ने यात्रा मार्ग पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की भी समीक्षा की। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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