रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस ...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून से प्रलोभन, दबाव और छल के जरिए होने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से अशिक्षा और गरीबी का फायदा उठाकर धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक संतुलन प्रभावित होता है। नए कानून के तहत अब धर्मांतरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और इसके लिए पूर्व सूचना व जांच अनिवार्य होगी।
उन्होंने बताया कि धर्मांतरण कराने वाले और करने वाले दोनों को प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष आवेदन देना होगा। जांच के बाद ही इसे वैध माना जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, 1968 का पुराना कानून कमजोर था, जबकि नया कानून अधिक सख्त और प्रभावी है।
सीएम साय ने कहा कि इस कानून से सामाजिक समरसता और शांति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए इसे चिंताजनक बताया।
इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ उनकी लड़ाई को अब कानूनी बल मिला है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कानून प्रदेश में संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करेगा।
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