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युवा संसद में लोकतंत्र पर युवाओं का मंथन

रायपुर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में पंडित रवि...




रायपुर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में “विकसित भारत युवा संसद 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख” रखा गया, जिसमें युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और नागरिक जिम्मेदारियों पर सार्थक विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में 195 से अधिक युवाओं ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवा प्रतिभागियों ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, लोकतंत्र की चुनौतियों तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

उद्घाटन सत्र में प्रॉक्टर ए.के. श्रीवास्तव, डीन प्रो. अशोक प्रधान, प्रो. सुनीता सनवारिया तथा माय भारत के स्टेट डायरेक्टर अर्पित तिवारी उपस्थित रहे। अर्पित तिवारी ने कहा कि युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को नीति निर्माण प्रक्रिया से जोड़ना और उनमें लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से चयनित शीर्ष पांच प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय युवा संसद में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।

निर्णायक मंडल में प्रो. सुनीता चंसोरिया, प्रो. अमन झा, प्रो. अलेख साहू, प्रो. अशोक प्रधान एवं प्रो. कमलेश शुक्ला शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की तार्किक सोच, विषय की समझ और प्रभावी प्रस्तुति की सराहना करते हुए युवाओं को लोकतांत्रिक विमर्श में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता में सोमेश्वर प्रसाद गंजीर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि देश की वास्तविक शक्ति उसका सशक्त लोकतंत्र है और आपातकाल के 50 वर्ष बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। डी. ज्ञानेश कुमार द्वितीय, देवाशीष पटेल तृतीय, अवनी चतुर्थ तथा अनुश्रुति कुम्भलकर पंचम स्थान पर रहीं।

कार्यक्रम युवाओं में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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