abernews रायपुर। छत्तीसगढ़ में होली से पहले किसानों को धान की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मु...
abernews रायपुर। छत्तीसगढ़ में होली से पहले किसानों को धान की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसा है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थियों में स्वयं भूपेश बघेल भी शामिल हैं।
‘सुशासन’ की परिभाषा बताकर साधा निशाना
मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा ने अपने पोस्ट में लिखा कि सुशासन का अर्थ ऐसा शासन है, जो किसी से भेदभाव न करे और समर्थक-विरोधी, जाति-धर्म के आधार पर अंतर किए बिना सबको समान न्याय दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने किसानों को धान की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया है और आश्चर्य की बात यह है कि इसके बड़े लाभार्थियों में शीर्ष पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी हैं।
झा ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि जितना लाभ उन्हें वर्तमान सरकार में मिला, उतना वे स्वयं मुख्यमंत्री रहते हुए भी ‘पक्के में’ नहीं पा सके थे। उनके मुताबिक भाजपा सरकार में उन्हें अधिक ‘न्याय’ मिला है।
किश्तों के भुगतान को लेकर भी टिप्पणी
सलाहकार ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय धान की अंतर राशि चार-चार किश्तों में दी जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे एकमुश्त भुगतान किया है। उन्होंने यह भी लिखा कि होली के अवसर पर करमुक्त बड़ी राशि एक साथ मिलने पर भाजपा सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जानी चाहिए।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रही है। केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान तत्काल किया जाता है, जबकि शेष राशि अलग योजना के तहत एकमुश्त दी जाती है। झा ने दावा किया कि पूर्व सरकार के समय कीमत कम थी और भुगतान किश्तों में किया जाता था।
10 हजार करोड़ से अधिक राशि जारी करने का दावा
पंकज झा ने अपने बयान में कहा कि होली से ठीक पहले राज्य सरकार ने किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि एकमुश्त अंतर राशि के रूप में ट्रांसफर की है। उन्होंने कहा कि इस राशि का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र किसानों को मिला, जिनमें कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं।
पोस्ट के अंत में उन्होंने तंज करते हुए लिखा कि भले ही इंडियन नेशनल कांग्रेस धन्यवाद न दे, लेकिन वे सभी लाभार्थियों की ओर से सरकार का अभिनंदन करते हैं और इसे सुशासन की सरकार बताते हैं।
धान की अंतर राशि को लेकर हुए इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। होली के मौके पर किसानों के खाते में पहुंची राशि अब सियासी रंग भी लेती नजर आ रही है।
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