रायपुर। रंगों के त्योहार होली से पहले राजधानी में योग और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला। भारतीय योग संस्थान, रायपुर के योग साधकों ने शहर ...
रायपुर। रंगों के त्योहार होली से पहले राजधानी में योग और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला। भारतीय योग संस्थान, रायपुर के योग साधकों ने शहर के विभिन्न केंद्रों में एक साथ मिलकर उत्साहपूर्वक ‘होली मिलन समारोह’ मनाया। कार्यक्रमों में योग साधना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी सौहार्द का रंग एक साथ घुलता नजर आया।
गायत्री नगर, स्वर्णभूमि, कटोरा तालाब पार्क, कृष्णा नगर गुड़ियारी, बुढ़ातालाब, ऑक्सीजोन, भैरव सोसाइटी, आनंद नगर, रिद्धि सिद्धि पार्क, टैगोर नगर और वृंदावन पार्क अवंती विहार सहित अनेक योग केंद्रों में रंगारंग आयोजन हुए। सुबह से ही साधक पारंपरिक वेशभूषा में केंद्रों पर पहुंचे और गुरुजनों के मार्गदर्शन में सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संपूर्ण योग साधना से हुई, जिसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। साधकों को नियमित योग के माध्यम से तन और मन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया गया। सामूहिक ध्यान के दौरान वातावरण पूर्णतः शांत और आध्यात्मिक बना रहा, वहीं प्राणायाम सत्र में बड़ी संख्या में साधकों ने उत्साह से भाग लिया।
योगाभ्यास के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। नृत्य, कवि सम्मेलन और पारंपरिक होली गीतों ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई केंद्रों में महिला साधकों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं, तो कहीं हास्य कविताओं ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं।
प्रांतीय पदाधिकारी राजेश अग्रवाल और राजेश डागा ने सभी केंद्र प्रमुखों और साधकों की सराहना करते हुए कहा कि निष्काम सेवा और नियमित साधना ही संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है, जो समाज को स्वस्थ और संगठित बनाती है।
मुकेश सोनी ने अपने संदेश में कहा कि यदि व्यक्ति नित्य योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर ले, तो उसके जीवन में हर दिन उत्सव जैसा होता है। उनके संबोधन के दौरान साधकों ने तालियों से उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम की सफलता में सुदेशना मेने, रिया फतननी, वंदना आहूजा, पिंकी जैन, के.आर. साहू, नीतू, गायत्री, सपना, प्रभा शर्मा, नीलम, ममता, गीता, जया नवलानी, सरिता, किरण प्रसाद, रिया फतनानी, कंवलजीत कौर, लता चौधरी, गीताजंली बाग, हर्षपाल, विश्वकर्मा, नयना, मनीषा इसरानी, जयंती चंद्रा, सिंटू पटेल, विनोद अग्रवाल और प्रकाश बजाज का विशेष योगदान रहा।
शहर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग के साथ जब उत्सव का रंग जुड़ता है, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार स्वतः होने लगता है। होली के पूर्व इस सामूहिक आयोजन ने साधकों के बीच आपसी भाईचारे और एकजुटता को और मजबूत किया।
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