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राजिम हिंसा मामले में न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग, आप नेताओं ने पीड़ितों के साथ की प्रेसवार्ता

रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने राजिम क्षेत्र के दुत्काईया गांव में हुई हिंसा को लेकर शनिवार को रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेसवा...



रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने राजिम क्षेत्र के दुत्काईया गांव में हुई हिंसा को लेकर शनिवार को रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने घटना की न्यायिक जांच कराने, पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला, इमरान खान, विजय झा, अनुषा जोसेफ, राजदीप खनूजा सहित हिंसा प्रभावित परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे। पार्टी नेताओं ने बताया कि आम आदमी पार्टी द्वारा गठित जांच दल ने 24 एवं 25 फरवरी को दुत्काईया गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।

प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि 1 फरवरी 2026 को गांव में 13 मुस्लिम परिवारों के घरों में आगजनी, मारपीट और लूटपाट की घटना हुई, जिसमें परिवारों को गंभीर नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि घटना के 28 दिन बाद भी पीड़ितों को शासन की ओर से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या पुनर्वास सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पार्टी प्रवक्ता विजय झा ने दावा किया कि जांच के दौरान महिलाओं से दुर्व्यवहार, धमकी और हिंसा की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं यूथ विंग अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि पीड़ित परिवारों ने पूरी घटना का विस्तृत विवरण पार्टी प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखा है।

प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा राहत पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों के भोजन, कपड़े और इलाज की व्यवस्था सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से की जा रही है।

प्रेसवार्ता में मौजूद पीड़ितों ने बताया कि हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए तथा घरों में रखा पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक उन्हें सरकारी मुआवजा या पुनर्वास सहायता नहीं मिली है।

आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखीं—

हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराई जाए।

सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा एवं आवास व्यवस्था दी जाए।

घायलों एवं घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का पूरा खर्च सरकार वहन करे।

घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की सार्वजनिक जानकारी दी जाए।

पीड़ित परिवारों को स्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए।


पार्टी नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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