नारायणपुर - जिले को बाल विवाह की कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के मार्गदर्शन में...
नारायणपुर - जिले को बाल विवाह की कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के मार्गदर्शन में संचालित 100 दिवसीय विशेष कार्ययोजना के तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत गढ़बेंगाल और बिजली में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। चर्चा के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया।कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव। बाल विवाह के कारण बच्चों, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा का बीच में ही छूट जाना।कानूनी प्रावधान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत होने वाली दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई।
गढ़बेंगाल और बिजली में आयोजित इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला स्व-सहायता समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं द्वारा उपस्थित लोगों को बताया कि समाज के सजग होने से ही इस कुप्रथा का जड़ से उन्मूलन संभव है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने शपथ ली कि वे न तो अपने परिवार में बाल विवाह होने देंगे और न ही अपने आस-पड़ोस में ऐसी किसी घटना को अनदेखा करेंगे।
बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है-यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है या इसकी आशंका होती है-तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करें। आपकी एक सूचना किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है।कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के निर्देशानुसार यह 100 दिवसीय अभियान जिले के दूरस्थ अंचलों तक पहुँचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल लोगों को कानून के प्रति जागरूक करना है, बल्कि उन्हें एक ऐसे वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना है जहाँ हर बच्चे को पढ़ने और बढ़ने का समान अवसर मिले।
" alt="" />" alt="" />

" alt="" />" alt="" />
" alt="" />" alt="" />
No comments