——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

सड़क हादसे मानवीय लापरवाही का नतीजा, रोके जा सकते हैं

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में कृषि महाविद्यालय के छात्रों को न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने किया जागरूक रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मा...



राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में कृषि महाविद्यालय के छात्रों को न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने किया जागरूक

रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत कृषि महाविद्यालय रायपुर में सड़क सुरक्षा पर व्याख्यान एवं खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और कहा कि सड़क दुर्घटनाएं दैवीय नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही का परिणाम हैं।

न्यायमूर्ति सप्रे ने हेलमेट, सीट बेल्ट और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सड़क दुर्घटनाओं में देश में 12वें स्थान पर है, जबकि रायपुर में वर्ष 2025 में 618 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें करीब 70 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालक थे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि हेलमेट पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए पहनें।

कार्यक्रम में सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले पांच गुड सेमेरिटन—नगीना रात्रे, महेश पोद्दार, जगमोहन साहू, प्रफुल्ल साहू और गागेंद्र सिंह राजपूत—को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दीकी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई।

इस मौके पर अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, डीआईजी यातायात एम. आर. अहीरे, एआईजी यातायात संजय शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने विद्यार्थियों से कॉलेज में प्रवेश के पूर्व दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की।

No comments