छात्रों ने मांगी सफलता की कामना, कुलाधिपति- कुलपति ने दिए नवाचार के मंत्र रायपुर। 17 सितम्बर 2025 मैट्स यूनिवर्सिटी परिसर में मंगलवार को...
छात्रों ने मांगी सफलता की कामना, कुलाधिपति- कुलपति ने दिए नवाचार के मंत्र
रायपुर। 17 सितम्बर 2025 मैट्स यूनिवर्सिटी परिसर में मंगलवार को विश्वकर्मा पूजा का आयोजन श्रद्धा और नवाचार के अद्भुत संगम के रूप में किया गया। विश्वविद्यालय के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना और यज्ञ के साथ विद्यार्थियों ने बेहतर भविष्य और तकनीकी सफलता की प्रार्थना की।
पूरे समारोह में विश्वविद्यालय का माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत विधि-विधान से हुई, जिसमें माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रीयेश पगारिया, पंजीयक श्री गोकुलनंद पांडा, डीन डॉ. बृजेश पटेल समेत बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, छात्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।
तकनीकी शिक्षा में नैतिकता और परंपरा का समावेश
पूजा-अर्चना के दौरान कुलपति डॉ. के. पी. यादव ने कहा—
“भगवान विश्वकर्मा केवल एक देवीय शक्ति नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, डिज़ाइन और निर्माण के शाश्वत प्रेरणा स्रोत हैं। उनके आशीर्वाद से ही हम तकनीकी दुनिया में समर्पण और सृजन की भावना को जीवित रखते हैं।”
इस अवसर पर कुलाधिपति गजराज पगारिया ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि –
“मैट्स यूनिवर्सिटी न केवल आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को भी उतनी ही गंभीरता से आत्मसात करता है।”
विद्यार्थियों को नवाचार और अनुशासन की सीख
प्रशासनिक प्रमुखों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सृजनशीलता, अनुशासन और व्यावसायिक उत्कृष्टता को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। डॉ. बृजेश पटेल, जो इंजीनियरिंग संकाय के डीन हैं, ने विभाग की अनुसंधान-आधारित शिक्षा और उद्योग से जुड़ाव की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि—
“हमारा विभाग विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और नवाचार की सोच देता है जो उन्हें भविष्य में अग्रणी बनाएगा।”
छात्रों ने की समृद्धि और सफलता की प्रार्थना
पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राएं विश्वकर्मा भगवान की आराधना में लीन रहे। पूजा के पश्चात सभी के लिए प्रसाद वितरण किया गया और एक सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार की समृद्धि, सुरक्षा और सफलता की कामना की गई।
सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी भविष्य का संगम
विश्वकर्मा पूजा का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि मैट्स यूनिवर्सिटी केवल तकनीकी संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा शिक्षण केन्द्र है जहाँ आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति का अद्भुत समन्वय होता है। यह आयोजन युवाओं को न केवल टेक्नोलॉजी में पारंगत बनाता है, बल्कि उन्हें आत्मिक रूप से भी सजग करता है, जिससे वे एक सतत्, सृजनशील और उत्तरदायी इंजीनियर के रूप में समाज को कुछ लौटाने में सक्षम बनें।
मुख्य बातें:
- यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा हुआ आयोजन
- कुलपति, कुलाधिपति सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
- विद्यार्थियों को नवाचार और व्यावसायिकता का संदेश
- पूजा, हवन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
- तकनीक और संस्कृति के समन्वय की मिसाल बना आयोजन।

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