रायपुर, 28 जून। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने बिजली बिल के लेट पेमेंट सरचार्ज को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में प्रसारित हो ...
रायपुर, 28 जून। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने बिजली बिल के लेट पेमेंट सरचार्ज को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में प्रसारित हो रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं, बल्कि राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है।
पावर कंपनी के अनुसार, पहले यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद केवल एक-दो दिन की देरी से भी बिजली बिल जमा करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) की नई व्यवस्था के तहत अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता जितने दिन भुगतान में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।
कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि बिल भुगतान में केवल एक दिन की देरी होती है तो अब मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार लगेगा, जबकि पहले पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज देना पड़ता था। वहीं 30 दिन की देरी होने पर भी कुल अधिभार 1.2 प्रतिशत ही बनेगा, जो पुरानी व्यवस्था से कम है।
पावर कंपनी ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था में सरचार्ज की दरें बढ़ाई नहीं गई हैं, बल्कि उन्हें अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया गया है। कंपनी ने आम नागरिकों और समाचार माध्यमों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं से बचें और सही तथ्यों को ही साझा करें, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।
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