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मैट्स विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान और योग पर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस शुरू

रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस "रिसर्च ट्रेंड्स इन फिजिकल...



रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस "रिसर्च ट्रेंड्स इन फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस एंड योगा" का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस सम्मेलन में देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों, खेल वैज्ञानिकों और योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन में शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान और योग के क्षेत्र में उभरती शोध प्रवृत्तियों, नवाचारों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोणों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने खेल और योग के मानव स्वास्थ्य, प्रदर्शन क्षमता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास में योगदान को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव और कुलसचिव गोकुला नंदा पंडा ने विभाग के शैक्षणिक एवं शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन ज्ञान के आदान-प्रदान और अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुलाधिपति गजराज पगारिया तथा महानिदेशक प्रियेश पगारिया ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन प्रो. (डॉ.) परविंदर हंसपाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) ए.जे. खान उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता के रूप में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. बीरेंद्र झांझरिया ने "इमर्जिंग ट्रेंड्स इन स्पोर्ट्स साइंस फॉर एलीट परफॉर्मेंस एंड टैलेंट आइडेंटिफिकेशन" विषय पर व्याख्यान देते हुए आधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों और प्रतिभा पहचान की नई तकनीकों की जानकारी दी।

वहीं गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहायक आचार्य डॉ. तिलक राज मीणा ने "योगा एंड रिसर्च इनोवेशंस: इमर्जिंग ट्रेंड्स, साइंटिफिक पर्सपेक्टिव्स एंड फ्यूचर डायरेक्शंस" विषय पर व्याख्यान देते हुए योग अनुसंधान के नए आयामों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए 15 शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इनमें शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, योग और स्वास्थ्य से जुड़े समसामयिक विषयों पर किए गए शोध निष्कर्ष साझा किए गए, जिन पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच सार्थक चर्चा हुई।

शारीरिक शिक्षा एवं योग विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि 22 और 23 जून तक चलने वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन शोध, नवाचार और अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच बन रहा है।

कार्यक्रम की संयोजक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शारदा पुरवार रहीं। आयोजन समिति में डॉ. बीरेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. राहुल यादव, डॉ. राघव कुमार वर्मा, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. आशीष धर दीवान, श्री टीकम, डॉ. नवीन कुमार पटेल, डॉ. मल्लिका, श्री दिवेश सहित विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं अतिथियों ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

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