केरल में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता KC Venugopal अब मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबस...
केरल में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता KC Venugopal अब मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस के 63 विधायकों में से 47 ने उनके समर्थन में राय दी है। यह खुलासा उस समय हुआ जब पार्टी पर्यवेक्षक Mukul Wasnik के हाथ में मौजूद समर्थन सूची की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
बताया जा रहा है कि 7 मई को कांग्रेस विधायकों के साथ हुई वन-टू-वन बैठक में उनसे मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद पूछी गई थी। इसी दौरान कई विधायकों ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया। वायरल सूची में विधायकों के नाम के सामने उनकी पसंद भी दर्ज दिखाई दे रही है।
सतीशन को झटका, समर्थकों में भी बदला रुख
मुख्यमंत्री पद की रेस में पहले VD Satheesan और KC वेणुगोपाल के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Sunny Joseph भी पहले सतीशन के समर्थन में माने जा रहे थे, लेकिन वायरल सूची के मुताबिक उन्होंने भी वेणुगोपाल के पक्ष में राय दी है। इसके बाद उन्होंने अपनी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी।
सूची में संदीप जी. वारियर, सजीव जोसेफ, टी.ओ. मोहन और उषा विजयन जैसे कई नेताओं के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्होंने वेणुगोपाल का समर्थन किया।
खरगे को मिला अंतिम फैसला लेने का अधिकार
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को नए मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षक Mukul Wasnik और Ajay Maken ने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग बातचीत की है।
जहां कुछ वरिष्ठ नेताओं ने VD सतीशन के पक्ष में राय रखी, वहीं संगठन से जुड़े कई नेताओं ने KC वेणुगोपाल को बेहतर विकल्प बताया। पार्टी आलाकमान रविवार 10 मई तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है।
शपथ ग्रहण भी जल्द संभव
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के दो दिनों के भीतर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ UDF गठबंधन के अन्य दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
CM रेस में कौन-कौन आगे?
KC Venugopal
संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले वेणुगोपाल को आलाकमान का करीबी माना जाता है। विधायकों के बीच सक्रिय लॉबिंग और दिल्ली में लगातार बैठकों ने उन्हें सबसे आगे पहुंचा दिया है।
VD Satheesan
चुनाव प्रचार के दौरान LDF सरकार पर आक्रामक हमलों की वजह से सतीशन ने कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई। जमीनी स्तर पर उनका समर्थन काफी मजबूत माना जाता है।
Ramesh Chennithala
अनुभवी और संतुलित नेता के रूप में चेन्निथला का नाम भी चर्चा में है। गठबंधन सहयोगियों और वरिष्ठ नेताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
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