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ईरान युद्ध पर अमेरिका को झटका: स्विट्जरलैंड ने रोकी हथियार सप्लाई, यूरोप के कई देश भी पीछे हटे

  abernews. ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका को अपने ही करीबी सहयोगियों से झटका मिलना शुरू हो गया है। यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड ने सा...

 



abernews. ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका को अपने ही करीबी सहयोगियों से झटका मिलना शुरू हो गया है। यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड ने साफ कर दिया है कि वह मौजूदा हालात में अमेरिका को हथियारों के निर्यात की अनुमति नहीं देगा।

स्विट्जरलैंड सरकार ने कहा है कि वह अपनी तटस्थ नीति का पालन कर रहा है और किसी भी तरह से युद्ध को बढ़ावा नहीं देना चाहता। सरकार के बयान में कहा गया कि ईरान के साथ चल रहे अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष के दौरान युद्ध सामग्री का निर्यात संबंधित देशों को नहीं किया जा सकता, इसलिए फिलहाल अमेरिका को हथियार सप्लाई पर रोक रहेगी।

होर्मुज स्ट्रेट पर संकट, सहयोगियों में मतभेद

उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अमेरिका को झटका लगा है। ईरान द्वारा इस अहम समुद्री रास्ते को बंद करने के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो गई है। दुनिया के करीब 20% तेल की ढुलाई इसी रास्ते से होती है, ऐसे में तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने यूरोपीय सहयोगियों से इस मार्ग को खुलवाने में मदद मांगी है, लेकिन कई देशों ने इससे दूरी बना ली है।

जर्मनी-नीदरलैंड ने मिशन से किया किनारा

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बहाल करने के लिए मिशन की योजना पर चर्चा जरूर की है, लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।

दोनों देशों का कहना है कि जब तक युद्धविराम नहीं होता या कम से कम संघर्ष में कमी नहीं आती, तब तक वे किसी सैन्य मिशन का हिस्सा नहीं बनेंगे।

बढ़ते तनाव से वैश्विक असर

ईरान-अमेरिका टकराव का असर अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखने लगा है। एक तरफ ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका के सहयोगी देश भी खुलकर साथ देने से बच रहे हैं। इससे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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