विशेष न्यायालय से सजा के बाद श्रम विभाग ने जारी किया आदेश, सेवा से किया गया पदच्युत रायपुर। छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग ने भ्रष्टाचार के एक प...
विशेष न्यायालय से सजा के बाद श्रम विभाग ने जारी किया आदेश, सेवा से किया गया पदच्युत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग ने भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जशपुर जिले में पदस्थ श्रम निरीक्षक सुरेश कुंवर को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह निर्णय विशेष न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि और सजा सुनाए जाने के बाद लिया गया है।
कार्यालय श्रमायुक्त, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरेश कुंवर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज आपराधिक प्रकरण में न्यायालय ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया था। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश ने 26 नवंबर 2025 को अपने फैसले में आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
न्यायालय के फैसले के बाद विभागीय कार्रवाई
श्रमायुक्त कार्यालय ने बताया कि न्यायालय के निर्णय की प्रति प्राप्त होने के बाद पूरे प्रकरण का परीक्षण किया गया। इसमें स्पष्ट हुआ कि दोष सिद्ध होने के कारण संबंधित अधिकारी का शासकीय सेवा में बने रहना नियमों के अनुरूप नहीं है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत दोषी पाए गए कर्मचारी पर कठोर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। इसी के तहत श्रम निरीक्षक सुरेश कुंवर को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से पदच्युत (डिसमिस) कर दिया गया।
गंभीर कदाचार माना गया अपराध
आदेश में कहा गया है कि रिश्वतखोरी से जुड़ा अपराध गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और यह लोकसेवक की गरिमा के विपरीत है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद आरोपी को सेवा में बनाए रखना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं पाया गया।
संबंधित अधिकारियों को भेजी गई प्रति
जारी आदेश की प्रतिलिपि श्रम मंत्री के कार्यालय, श्रम विभाग के सचिव, पुलिस अधीक्षक एसीबी, कलेक्टर जशपुर, पुलिस अधीक्षक जशपुर तथा संबंधित जिला श्रम कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए भेज दी गई है।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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