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अब छत्तीसगढ़ 'नक्सलमुक्त राज्य' के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा : भाजपा

प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया : नक्सलवाद के खात्मे से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत की सुरक्षा स्थिति...




प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया : नक्सलवाद के खात्मे से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत की सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कहा है कि वह दिन अब दूर नहीं है, जब छत्तीसगढ़ 'नक्सलमुक्त राज्य' के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा। हम शांति, सुरक्षा और सुशासन के मार्ग पर अडिग हैं और अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति तक हमारा अभियान जारी रहेगा। श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिया था, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार उसे धरातल पर चरितार्थ कर रही है। आज बस्तर में नक्सलवाद अपने खात्मे की ओर है और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। श्री पाण्डेय ने विपक्ष की भूमिका पर प्रहार करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की 'शिथिल नीतियों' और 'छद्म बातचीत' के कारण नक्सलवाद को पनपने का मौका मिला था। लेकिन आज, विष्णुदेव साय सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने डबल इंजन सरकार की रणनीतिक उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि एक ओर पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय देते हुए रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों को ढेर किया है, उनके सुरक्षित किलों (कोर एरिया) में घुसकर कैंप स्थापित किए हैं, जनवरी 2024 से अब तक 532 नक्सली मारे गए हैं और 2,700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 203 से ज्यादा स्मारक ध्वस्त भी किए जा चुके हैं; वहीं दूसरी ओर, 'नियद नेल्लानार' योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास की नई अलख जगाई है। जहाँ कभी गोलियों की गूँज थी, वहाँ अब स्कूल, अस्पताल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँच रही हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार की उदार पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सैकड़ों सक्रिय नक्सली हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। बस्तर के सुदूर अंचलों में लघु वनोपज का संग्रहण और प्रसंस्करण बढ़ने से आदिवासियों की आय में वृद्धि हुई है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे क्षेत्रों में अब भयमुक्त वातावरण होने से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। अब बस्तर का आम नागरिक बिना किसी डर के मतदान केंद्रों तक पहुँच रहा है, जो क्षेत्र में लोकतंत्र की गहरी होती जड़ों का प्रमाण है। इस तरह नक्सलवाद के खात्मे से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत की सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी।

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