20 फरवरी से लागू हुए नए नियम, डीपफेक पर सरकार की कड़ी नजर नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फोटो, वीडियो और ऑडियो कंटेंट को ले...
20 फरवरी से लागू हुए नए नियम, डीपफेक पर सरकार की कड़ी नजर
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फोटो, वीडियो और ऑडियो कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। 20 फरवरी से संशोधित प्रावधान प्रभाव में आ चुके हैं। अब किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड सामग्री साझा करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा।
आईटी मंत्रालय ने Information Technology (Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन करते हुए “सिंथेटिक” या AI जनरेटेड कंटेंट की स्पष्ट परिभाषा तय की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही क्या होगी।
डीपफेक पर लगाम की तैयारी
हाल के दिनों में डीपफेक वीडियो और फर्जी ऑडियो क्लिप्स के जरिए भ्रम और तनाव की स्थिति बनी है। इस पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी AI के दुरुपयोग पर पारदर्शिता और वॉटरमार्किंग की जरूरत बताई थी। खासकर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है SGI?
नए नियमों में SGI (Synthetically Generated Content) को परिभाषित किया गया है। कोई भी फोटो, वीडियो या ऑडियो जो AI या कंप्यूटर तकनीक से इस तरह तैयार हो कि वह किसी असली व्यक्ति, स्थान या घटना जैसा लगे, उसे SGI माना जाएगा।
ऐसे कंटेंट को पोस्ट करने से पहले स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य है। एक बार लगाया गया लेबल हटाया नहीं जा सकेगा। हालांकि सामान्य फोटो एडिटिंग या साधारण फिल्टर पर यह नियम लागू नहीं होगा।
तीन बड़े बदलाव
AI जनरेटेड कंटेंट बिना लेबल शेयर नहीं किया जा सकेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को AI कंटेंट पहचानने के लिए तकनीकी टूल विकसित करने होंगे।
हर तीन महीने में यूजर्स को चेतावनी जारी करनी होगी कि AI का दुरुपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इन कंटेंट पर पूरी पाबंदी
सरकार ने बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री, फर्जी दस्तावेज, अवैध हथियारों से संबंधित कंटेंट और डीपफेक वीडियो पर सख्त प्रतिबंध लगाया है।
अगर सरकार किसी पोस्ट को हटाने का निर्देश देती है तो प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा। पहले यह समयसीमा 36 घंटे थी। बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर 12 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर कड़ी सजा
नियमों का उल्लंघन करने पर मामला भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 या POCSO Act, 2012 के तहत दर्ज हो सकता है।
सरकार का कहना है कि इन सख्त प्रावधानों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ेगी और AI के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
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