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हनुमान चालीसा पाठ के समय रखें इन 5 नियमों का विशेष ध्यान, प्रसन्न होंगे पवनपुत्र

abernews. धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान की उपासना से भक्तों के जीवन के बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की ग...




abernews. धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान की उपासना से भक्तों के जीवन के बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से न केवल मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की भी वृद्धि होती है। विशेष रूप से हनुमान चालीसा का नियमित पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।

मान्यता है कि चालीसा की 40 चौपाइयों में अपार आध्यात्मिक शक्ति निहित है। यदि विधि-विधान और नियमों का पालन करते हुए पाठ किया जाए तो बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं वे पांच महत्वपूर्ण बातें, जिनका ध्यान पाठ करते समय अवश्य रखना चाहिए—

1. बीच की चौपाई से पाठ न करें शुरू

धार्मिक परंपराओं के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ सदैव प्रारंभ से अंत तक क्रमबद्ध रूप में करना चाहिए। बीच की किसी चौपाई से पाठ आरंभ करना उचित नहीं माना जाता। अधूरा या असंगत पाठ पूर्ण फल नहीं देता। इसलिए एकाग्र होकर संपूर्ण चालीसा का पाठ करना ही श्रेयस्कर है।

2. शुद्ध तन और मन से करें पाठ

पाठ से पूर्व स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर या पूजा स्थान पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धापूर्वक ध्यान लगाएं। मन में किसी प्रकार की अशुद्धि या नकारात्मक भावना न रखें। निर्मल मन और पवित्र भाव से किया गया पाठ अधिक फलदायी माना गया है।

3. तामसिक भोजन और मदिरा से परहेज

धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी और सात्विक प्रवृत्ति के प्रतीक हैं। इसलिए उनके भक्तों को तामसिक भोजन, मांसाहार और मदिरा का सेवन त्याग देना चाहिए, विशेषकर पाठ के दिन। ऐसा करना पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है।

4. आचरण में संयम और मर्यादा
पाठ करने वाले व्यक्ति को अपने आचरण में मर्यादा और शुचिता बनाए रखनी चाहिए। विवाहित व्यक्ति को वैवाहिक निष्ठा का पालन करना चाहिए, जबकि अविवाहित व्यक्ति को भी संयमित जीवन अपनाना चाहिए। सदाचरण और चरित्र की पवित्रता को हनुमान भक्ति का मूल आधार माना गया है।

5. बेईमानी और गलत संग से दूरी

हनुमानजी सत्य, निष्ठा और धर्म के प्रतीक हैं। इसलिए उनके भक्तों को ईमानदारी से जीवन यापन करना चाहिए। किसी के साथ छल-कपट या बेईमानी न करें। साथ ही बुरे संग से बचें, क्योंकि गलत संगति व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है। सद्गुणों का पालन ही सच्ची भक्ति का मार्ग है।

धार्मिक विद्वानों का मत है कि यदि श्रद्धा, नियम और अनुशासन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सच्चे मन से की गई भक्ति ही बजरंगबली को प्रिय है।

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