abernews । ऑफिस में बैठकर काम कर रहे हों या किसी जरूरी प्रोजेक्ट में डूबे हों—आपने अभी आधा या एक गिलास पानी पिया और कुछ ही मिनटों में टॉयलेट...
abernews । ऑफिस में बैठकर काम कर रहे हों या किसी जरूरी प्रोजेक्ट में डूबे हों—आपने अभी आधा या एक गिलास पानी पिया और कुछ ही मिनटों में टॉयलेट की तेज़ हाजत लग गई। एक-दो बार ऐसा हो तो सामान्य माना जा सकता है, लेकिन अगर यह स्थिति रोजमर्रा का हिस्सा बन जाए, तो चिंता स्वाभाविक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार पेशाब आना हमेशा बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे हल्के में लेना भी ठीक नहीं। सही कारण समझकर समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर: आम लेकिन अनदेखी समस्या
raipur स्थित क्लिनिक के MBBS Dr. vikas के अनुसार, बार-बार यूरिन आने का एक प्रमुख कारण ओवरएक्टिव ब्लैडर हो सकता है।
डॉ. बताते हैं,
“इस स्थिति में ब्लैडर की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा सिकुड़ने लगती हैं। नतीजा यह होता है कि ब्लैडर पूरी तरह भरा न होने पर भी अचानक और तेज़ पेशाब की इच्छा महसूस होती है।”
यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, हालांकि बढ़ती उम्र में इसकी संभावना अधिक रहती है।
और क्या हो सकते हैं कारण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार पेशाब आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) – पेशाब में जलन, दर्द और बार-बार टॉयलेट जाना इसका संकेत हो सकता है।
अनियंत्रित ब्लड शुगर – डायबिटीज में शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को यूरिन के जरिए बाहर निकालता है, जिससे पेशाब ज्यादा आता है।
कैफीन और शराब – चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और शराब ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं।
तनाव और चिंता – मानसिक दबाव ब्लैडर की संवेदनशीलता बढ़ा देता है।
एक साथ ज्यादा पानी पीना – जब कम समय में अधिक मात्रा में पानी पिया जाता है, तो किडनी तेजी से उसे फिल्टर करती है, जिससे पेशाब जल्दी-जल्दी आता है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिनभर में पानी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पिएं, बजाय एक साथ ज्यादा मात्रा लेने के।
कब समझें खतरे की घंटी?
बार-बार पेशाब आने के साथ यदि निम्न लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
पेशाब में जलन या दर्द
पेशाब में खून
निचले पेट या कमर में दर्द
बुखार
रात में बार-बार उठना (नॉक्टूरिया)
अचानक बहुत तेज पेशाब लगना
ये लक्षण इंफेक्शन, ब्लैडर में सूजन, पुरुषों में प्रोस्टेट समस्या या मेटाबॉलिक बीमारियों की ओर इशारा कर सकते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ ब्लैडर की क्षमता और नियंत्रण में भी बदलाव आता है, जिससे बार-बार पेशाब की समस्या बढ़ सकती है।
राहत के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक, कुछ सरल उपाय अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है:
1. पानी पीने का तरीका बदलें
दिनभर में पानी को 6–8 हिस्सों में बांटकर पिएं। एक साथ अधिक मात्रा से बचें।
2. कैफीन कम करें
चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और शराब का सेवन सीमित करें।
3. “जस्ट इन केस” टॉयलेट न जाएं
बार-बार बिना जरूरत टॉयलेट जाने की आदत ब्लैडर को कमजोर कर सकती है। तय समय पर पेशाब करने की आदत डालें।
4. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज
कीगल एक्सरसाइज जैसी पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज ब्लैडर कंट्रोल बेहतर बनाने में मददगार होती हैं।
5. तनाव प्रबंधन
योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की तकनीक ब्लैडर की संवेदनशीलता कम करने में सहायक हो सकती हैं।
घबराएं नहीं, समझदारी से काम लें
विशेषज्ञ मानते हैं कि बार-बार पेशाब आना कई बार जीवनशैली से जुड़ी साधारण समस्या होती है। लेकिन यदि इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण जुड़ जाएं, तो जांच जरूरी है।
abernews की सलाह है—शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। सही समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने से बड़ी समस्या को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य के मामले में सजग रहें, क्योंकि छोटी-सी असुविधा भी कभी-कभी बड़े कारण की ओर इशारा कर सकती है।
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