छत्तीसगढ़ के माना कैंप में गूंज रही गोलियों की गूंज, टारगेट पर अचूक निशाना साध रहे युवा रायपुर, 4 सितम्बर । छत्तीसगढ़ में निशानेबाजी को न...
छत्तीसगढ़ के माना कैंप में गूंज रही गोलियों की गूंज, टारगेट पर अचूक निशाना साध रहे युवा
रायपुर, 4 सितम्बर । छत्तीसगढ़ में निशानेबाजी को नई उड़ान मिल रही है। माना कैंप स्थित चौथी बटालियन परिसर इन दिनों राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता का साक्षी बन रहा है, जिसमें प्रदेश के 13 जिलों से आए प्रतिभावान निशानेबाज़ अपनी सटीकता और धैर्य का परिचय दे रहे हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन और जिंदल स्टील समूह के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन का शुभारंभ 28 अगस्त को हुआ था और अब प्रतियोगिता रोमांचक चरण में पहुंच चुकी है।
तीन वर्गों में मुकाबले : जूनियर, महिला और पुरुष
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को तीन वर्गों – पुरुष, महिला और जूनियर – में बाँटा गया है। 29 और 30 अगस्त को प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिसमें खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और शूटिंग की बारीकियों से परिचित कराया गया। इसके बाद 31 अगस्त से मुकाबलों की शुरुआत हुई। अब तक हुए मुकाबलों में कई युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की संभावनाओं के साथ उभरकर सामने आ रहे हैं।
कौन-कौन से इवेंट हो रहे हैं?
इस प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल और एयर राइफल के मुकाबले विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा—
- 50 मीटर ओपन साइट राइफल और पीपी साइट राइफल में थ्री पोज़िशन शूटिंग
- 25 मीटर वर्ग में पुरुषों के लिए सेंटर फायर पिस्टल, स्टैंडर्ड पिस्टल और भारत पिस्टल इवेंट
- महिलाओं के लिए भारत पिस्टल इवेंट
ये सभी स्पर्धाएं खिलाड़ियों की मानसिक एकाग्रता, तकनीकी दक्षता और फोकस का असली इम्तिहान ले रही हैं।
स्कोरिंग का मानक पूरी तरह राष्ट्रीय स्तर का
प्रतियोगिता में राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) द्वारा निर्धारित स्कोरिंग मानकों को अपनाया गया है। यही कारण है कि इस प्रतियोगिता में किए गए प्रदर्शन को मान्यता मिलती है और खिलाड़ी ईस्ट जोनल एवं पी वी मावलंकर चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए चयनित हो सकते हैं।
2002 से जारी है यह परंपरा
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आयोजन वर्ष 2002 से लगातार किया जा रहा है, जो इसे एक मजबूत परंपरा बनाता है। हर साल छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के जिलों से युवा निशानेबाज इस मंच तक पहुंचते हैं और अपने हुनर से सबको चौंकाते हैं।
खिलाड़ियों को मिल रहा मंच, खेल को मिल रही दिशा
छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि “इस तरह की प्रतियोगिताएं प्रदेश में शूटिंग खेल के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। खिलाड़ियों को न केवल प्रतियोगिता का अनुभव मिल रहा है बल्कि वे उच्च स्तरीय स्पर्धाओं की तैयारी भी कर पा रहे हैं।”
जिंदल समूह का सराहनीय सहयोग
प्रतियोगिता को सफल बनाने में जिंदल स्टील समूह की भूमिका उल्लेखनीय रही है। उनके सहयोग से प्रतियोगिता का आयोजन उच्च स्तरीय सुविधाओं और संसाधनों के साथ संभव हो सका है। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों दोनों ने इसकी सराहना की है।
आशाएं, तैयारियां और भविष्य की उड़ान...
इस प्रतियोगिता ने साबित किया है कि यदि प्रतिभा को सही मंच मिले और उसे प्रशिक्षित किया जाए, तो छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी परचम लहरा सकते हैं। आने वाले वर्षों में इसी आयोजन से निकले कई खिलाड़ी शायद ओलंपिक मेडल की दौड़ में दिखें – उम्मीद की जानी चाहिए कि राज्य सरकार और उद्योग समूह इसी तरह का सहयोग देते रहेंगे।
तथ्य संक्षेप में
- स्थान – चौथी बटालियन, माना कैंप, रायपुर
- आयोजन की तिथि – 28 अगस्त से प्रारंभ
- प्रतिभागी जिले – 13 जिलों से खिलाड़ी
- आयोजक – छत्तीसगढ़ रायफल एसोसिएशन व जिंदल समूह
- प्रमुख इवेंट्स – 10 मीटर एयर पिस्टल/राइफल, 50 मीटर थ्री पोज़िशन, 25 मीटर पिस्टल इवेंट्स
- लाभ – उच्च स्कोर करने वाले खिलाड़ियों को ईस्ट ज़ोनल और पीवी मावलंकर प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर
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