Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

चारधाम यात्रा पर सीमित हुआ रजिस्ट्रेशन, केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री धामों में हररोज इतने दर्शन

  देहरादून। चारधाम यात्रा के पंजीकरण को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सिर्फ दस दिन में पंजीकरण का आंकड़ा 14 लाख...

 

देहरादून। चारधाम यात्रा के पंजीकरण को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सिर्फ दस दिन में पंजीकरण का आंकड़ा 14 लाख पार करने से पर्यटन विभाग सतर्क हो गया है। धामों में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसे देखते हुए पंजीकरण को नियंत्रित कर दिया गया है।

बदरीनाथ में 20 हजार, केदारनाथ में 18 हजार, यमुनोत्री में नौ हजार और गंगोत्री में अधिकतम 11 हजार पंजीकरण ही प्रतिदिन होंगे। चारों धामों में श्रद्धालुओं के लिए आवासीय सुविधा बेहद सीमित संख्या में है। इसे देखते हुए पूर्व के वर्षों में प्रति धाम प्रतिदिन श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संख्या को सीमित कर दिया गया था।

इस वर्ष चारधाम यात्रा पंजीकरण के पहले ही दिन से जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। दस दिन में कुल पंजीकरण का आंकड़ा 14.39 लाख को पार कर गया है। ऐसी स्थिति में धामों में व्यवस्था बनाने के लिए पंजीकरण को नियंत्रित किया गया है।

यमुनोत्री धाम में पूर्व के वर्षों में प्रतिदिन 7500 ही श्रद्धालु दर्शन कर सकते थे। अब यहां प्रतिदिन दर्शन के लिए 9000 श्रद्धालु ही पंजीकरण करा सकेंगे। गंगोत्री धाम में पहले 8500 श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था थी।

यहां अब 11 हजार तक पंजीकरण प्रतिदिन हो सकेंगे। केदारनाथ धाम में 15 हजार दर्शन कर सकते थे। यहां 18 हजार तक पंजीकरण हो सकेंगे। बदरीनाथ धाम में 16 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते थे, यहां के लिए अधिकतम पंजीकरण 20 हजार हो सकेंगे। संबंधित खबर P07

प्रतिदिन पंजीकरण
20 हजार बदरीनाथ
18 हजार केदारनाथ
09 हजार यमुनोत्री
11 हजार गंगोत्री

चारों धामों के लिए पोर्टल खुलते ही बड़ी संख्या में पंजीकरण हो रहे हैं। यात्रा पंजीकरण को किसी भी तरह की संख्या सीमित नहीं की गई थी, लेकिन जिस तेजी के साथ धामों में पूर्व के वर्षों में तय संख्या से भी कहीं अधिक पंजीकरण हो रहे हैं, उसे देखते हुए एक संख्या के बाद पंजीकरण नियंत्रित किए जा रहे हैं। ताकि यात्रा को व्यवस्थित और बेहतर रूप से संचालित किया जा सके।

No comments