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मैट्स यूनिवर्सिटी में फैशनोत्सव -2023 का रंगारंग आयोजन वार्षिक फैशन शो में विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ की परंपराओं का अद्भुत प्रदर्शन, दिव्यांग बच्चों ने भी दिखाया अपना कौशल रायपुर। मैट्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फैश...


भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ की परंपराओं का अद्भुत प्रदर्शन, दिव्यांग बच्चों ने भी दिखाया अपना कौशल
रायपुर। मैट्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा शनिवार को राजधानी के चोकर धानी में वार्षिक फैशन शो फैशनोत्सव-2023 का धमाकेदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने फैशन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की परंपराओं की शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। इस शो में भगवान श्री राम, शिव और श्री कृष्ण-प्रेम की अद्भुत लीला को "प्रेम" थीम के साथ दर्शाया गया। दिव्यांग बच्चों ने भी इस आयोजन में अपनी प्रस्तुति दी और स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया। 

मैट्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष परविंदर कौर ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग द्वारा वार्षिक फैशन शो ‘फैशनोत्सव-2023’ का रंगारंग आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष श्री संजय शुक्ला (आईएफएस) और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार साहू (आईएफएस), सम्मानीय अतिथि प्रोफ डॉ कर्नल उमेश मिश्र सी जी पि यु आर सी चेयरमैन थे। इस अवसर पर मैट्स  यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. के.पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, उपकलुपति डॉ. दीपिका ढांड, कुलसचिव श्री गोकुलनंदा पंडा सहित विभिन्न विभागों विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, विद्यार्थीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई। 

श्रीमती कौर ने बताया कि इस फैशन शो की शुरुआत बनारसी दुल्हन के परिधानों के विशेष संग्रह बनारसी ट्रेंच कोट और दिव्य थीम "प्रेम" के साथ की गई। इसमें भगवान श्री राम, श्री कृष्ण और श्री शिव जी के प्रेम-लीलाओं की अद्भुत प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।  शो का दूसरा राउंड ओल्ड इस गोल्ड थीम पर आधारित था जिसमें विद्यार्थियों ने पुराने ज़माने के पहनावों को नए तरीके से डिज़ाइन कर प्रस्तुत किया। भारतीय फैशन और पहनावे में आ रहे बदलावों विशेषकर ट्रेडिशनल साड़ियाँ और घाघरे के साथ झालरदार स्कर्ट और कढ़ाई वाले गाउन को भी विद्यार्थियों ने नए अंदाज में पेश किया। नवीन विचारों के साथ प्राचीन समय के फैशन को दर्शाने वाली सुंदर डिजाइनों को शानदार परिधानों के साथ प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने खूब तालियाँ बटोरीं। 
फैशन विभाग के विद्यार्थियों ने दिव्यांग के लिए डिजाइन किये गये स्पेशल कपड़ों को भी प्रदर्शित किया। इसका उद्देश्य विशेष दिव्यांग बच्चों को समर्थन देकर उन्हें प्रोत्साहित करना था। उनके लिए  फैशन वाक का भी आयोजन कराया गया जिसमें दिव्यांग बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।
ग्लिटर और फर (स्पार्केलिना) राउंड ने आयोजन को यादगार बना दिया। छात्रों द्वारा फर और ग्लिटर के मिश्रण तैयार की गई ड्रेस ने इस बात का आहसास कराया कि परियाँ आसमान से उतरकर धरती पर चल रहीं हैं। इस फैशन शो के माध्यम से छत्तीसगढ़ की परम्पराओं को महत्व देते हुए इंडो-वेस्टर्न फैशन शैली का भी निर्माण किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा आधुनिक सीक्वेंस में ब्लाउज और प्रामाणिक पारंपरिक बनारसी स्कर्ट के साथ उनकी विविध ड्रेपिंग शैलियों के साथ तैयार की गई ड्रेस के माध्यम से भारतीय संस्कृति को बहुत सुन्दर तरीके से दर्शाया गया। 
फैशन शो की अंतिम कड़ी में विद्यार्थियों ने 18वीं सदी के दौर में पहने जाने वाले वस्त्रों का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने यह दर्शाया कि विक्टोरियन युग में जब सूचना और तकनीकी का अविष्कार नहीं हुआ था, तब उस युग को बड़ी स्कर्ट, टाइट कोर्सेट और बोनट के लिए जाना जाता था। विद्यार्थियों ने आकर्षक डिजाइन के साथ यह दर्शाया कि इतिहास के उस दिलचस्प दौर में किस तरह कपड़े पहली बार कला के रूप में उभरकर सामने आए। विक्टोरियन युग की खूबसूरत पोशाकों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्कूल ऑफ़ फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष परविंदर कौर ने बताया कि सभी परिधानों को विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक विचारों और परिश्रम के साथ डिजाइन किया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष श्री संजय शुक्ला (आईएफएस) और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार साहू (आईएफएस) एवं कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया सहित अन्य सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए इस आयोजन को यादगार बताया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को दिये गए प्रोत्साहन को सराहनीय प्रयास बताया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया। फैशनोत्सव-2023 में निर्णायक के रूप में छत्तीसगढ़ के मिसेस प्रेरणा धरबाड़े  जो की मिसेस यूनिवर्स सेंट्रल एशिया पैसिफिक २०२२-२३ रहे , डॉ  ममता  चांडक  हेड ऑफ़ दी डिपार्टमेंट गोवेर्मेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं मिसेस मीनाक्षी टुटेजा डायरेक्टर ऑफ़ मीनाक्षी सलून एंड अकेडमी उपस्थित थीं।

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