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यह कृषि उपज मंडी भगवान भरोसे हो रही संचालित

कर्मचारी-अधिकारी कार्यालयीन समय में नहीं पहुंचते, 11 बजे के बाद दफ्तर में सूनापन सक्ती। कृषि उपज मंडी इन दिनों भगवान भरोसे संचालित हो रही ह...

कर्मचारी-अधिकारी कार्यालयीन समय में नहीं पहुंचते, 11 बजे के बाद दफ्तर में सूनापन


सक्ती। कृषि उपज मंडी इन दिनों भगवान भरोसे संचालित हो रही है। निर्धारित समय में ना तो अधिकारी पहुंचते हैं, और ना ही कर्मचारी। कार्यालयीन समय 11 बजे पहुंचने पर दफ्तर में सूनापन छाया रहता है। कारण जानने का प्रयास किया जाता है तो पता चला कि कृषि उपज मंडी के सचिव साहब अप डाउन के चलते हफ्ते में एक या दो ही दिन आते हैं बाकी समय नदारद रहते हैं। इस संबंध में जब जानकारी ली गई तो पता चला कि साहब दोपहर को आते हैं और कुछ घंटे रुक कर वापस अपने गंतव्य की ओर दोपहर को ही निकल जाते हैं। बारंबार कार्य से पहुंचने वाले लोगों को बिना काम के वापस लौटना पड़ता है। अचंभित करने वाली बात यह है कि मंडी परिसर में कुल 12 अधिकारी एवं कर्मचारियों की नियुक्ति शासन के द्वारा की गई है जिसमें सचिव के रूप में आरके ध्रुव पदस्थ हैं। वहीं लेखापाल डीएस सिदार पदस्थ हैं लेकिन कभी भी कार्यालय में अपनी कुर्सी पर नजर नहीं आते। कार्यालय कृषि उपज मंडी समिति सक्ती में चस्पा किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची में मंडी निरीक्षक,उपनिरीक्षक,सहायक ग्रेड 3 के रूप में तीन कर्मचारी पदस्थ हैं । इसी प्रकार डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में वीके साहू पदस्थ हैं। इस ऑफिस में एक चौकीदार के साथ में तीन चपरासी भी
सचिव आने जाने में रहते हैं व्यस्त
 कई बार मंडी के सचिव आरके ध्रुव से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, लेकिन यहां तक पहुंचने वाले लोगों को उनकी खाली कुर्सी ही नजर आती है हमेशा बिलासपुर से अप एंड डाउन में व्यस्त रहने वाले सचिव महोदय की कार्यशैली से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्थानीय कृषि उपज मंडी समिति भगवान के भरोसे संचालित हो रही है। उनका कंट्रोल अपने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी नहीं है क्योंकि 10 बजे के बाद 11 से 12 तक एक भी कर्मचारी वहां पर उपस्थित नहीं मिलता है।
विदित हो कि कृषि उपज मंडी समिति की स्थापना 19 फरवरी 1969 में की गई थी और यहां की जो मंडी है वह अ श्रेणी की है। इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही समझ से परे है।
एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस भी किया गया है जारी
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रैना जामिल ने मंडी की स्थिति को देखने के बाद यहां के अधिकारी एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब देखना यहां पर यह लाजमी है की एसडीएम के द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ता है। एसडीएम ने कहा है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर अपने ऑफिस पहुंचे और कार्य करें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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