रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने रायगढ़ में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने और उसमें कांग्रेस नेता के भाई ...
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने रायगढ़ में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने और उसमें कांग्रेस नेता के भाई की संलिप्तता को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत, नीति और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा रायगढ़ में की गई छापेमारी में हुए खुलासों ने कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के उस आरोप को बल प्रदान किया है कि प्रदेश में 30 प्रतिशत अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि रायगढ़ के जिस मकान में छापेमारी करके आबकारी अधिकारियों ने नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए तकरीबन 2 लाख रुपए मूल्य की शराब व सामग्रियां जब्त की है, उस मकान का पजेशन कांग्रेस नेता के भाई के पास होने की बात सामने आई है। हालाँकि आबकारी विभाग ने नकली शराब फैक्ट्री के संचालक का नाम अभी जाहिर नहीं किया है, लेकिन तथ्य यह संकेत कर रहे हैं कि जब मकान कांग्रेस नेता के भाई का है, तो नकली शराब फैक्ट्री का संचालक भी वही होगा। श्री श्रीवास्तव ने आशंका जताई है कि फैक्ट्री संचालक का नाम सत्ता के बल पर दबावपूर्वक छिपाया जा रहा है और ऐसा करके सत्तारूढ़ दल विभाग को नकली शराब फैक्ट्री के असली मालिक पर कार्रवाई नहीं करने देना चाहता। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक इधर कांग्रेस नेता के भाई का नाम सामने आते ही विभागीय अधिकारियों के हाथ-पाँव फूलने लगे हैं और वे अब गोलमोल बातें बनाकर मामले की तहकीकात करने और नकली शराब फैक्ट्री के असली संचालक की तलाश की दलीलें देकर अपनी जान छुड़ाने में लगे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित थी, तो फिर विभागीय अधिकारी उस मकान के स्वामी पर कानूनी शिकंजा कसते हुए कोई पूछताछ करने में क्यों हिचक रहे हैं? फैक्ट्री के असली संचालक की तलाश किस तरह हो रही है, यह रायगढ़ का चप्पा-चप्पा जानता है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नकली शराब के इस गैर-कानूनी कारोबार पर सत्ता-संरक्षण में कितना भी पर्दा डालने की कोशिश कर ली जाए, कांग्रेस और सरकार के राजनीतिक चरित्र से छत्तीसगढ़ अच्छी तरह वाकिफ हो चुका है और वह अपनी किरकिरी से बच नहीं पाएगी। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि नकली शराब फैक्ट्री से आबकारी विभाग को झारखंड पैरामिलिट्री फोर्स की शराब मिली थी। अब सवाल यह भी है कि फोर्स को दी जाने वाली शराब छत्तीसगढ़ के रायगढ़ तक कैसे पहुँची और यह शराब किन्हें परोसी जाती थी? श्री श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच पर जोर दिया है ताकि सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक संरक्षण में चल रहे प्रदेश के खजाने पर डाका डालने वाले इस नितांत गैर-कानूनी कारोबार को बेपर्दा कर दोषियों को दंडित किया जा सके।
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