गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला अस्पताल में गुरुवार को सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल की जा रही...
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला अस्पताल में गुरुवार को सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल की जा रही कॉटरी मशीन में अचानक स्पार्किंग के बाद आग लग गई। इससे ओटी में अफरा-तफरी मच गई और आग की चपेट में आने से प्रसूता महिला 30 से 35 प्रतिशत तक झुलस गई। हालांकि डॉक्टरों और स्टाफ की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और बाद में सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है।
घटना 27 फरवरी की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सिजेरियन (सी-सेक्शन) के दौरान खून का बहाव रोकने के लिए कॉटरी मशीन का उपयोग किया जा रहा था। इसी दौरान मशीन में स्पार्किंग हुई और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। उस समय ओटी में गायनिक विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया डॉक्टर, नर्स सहित पांच सदस्यीय टीम मौजूद थी।
एनएस बोतलों से बुझाई आग, फिर दोबारा शुरू किया ऑपरेशन
आग लगते ही स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए नॉर्मल सलाइन (एनएस) की बोतलों और पानी की मदद से आग बुझाई। आग की चपेट में आने से महिला की पीठ, कमर और जांघ का हिस्सा झुलस गया। स्थिति नियंत्रण में आने के बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन प्रक्रिया शुरू की और सफलतापूर्वक प्रसव कराया।
एक दिन पहले ही हुआ था मेंटेनेंस
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जिस कॉटरी मशीन में आग लगी, उसका 26 फरवरी को कंपनी के अधिकृत सर्विस इंजीनियर द्वारा प्रिवेंटिव मेंटेनेंस किया गया था। इसके बावजूद अगले ही दिन मशीन में तकनीकी खराबी सामने आने से मेंटेनेंस प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मशीन का विवरण
मशीन का नाम: कॉटरी मशीन
मॉडल: वैलीलैब FT10
सीरियल नंबर: T3G66501DX
इंस्टॉलेशन तिथि: 27 अक्टूबर 2023
सप्लायर कंपनी: इंडिया मेडट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र
स्थापना एजेंसी: CGMSC (वर्ष 2023)
पुलिस से शिकायत, जांच की मांग
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने मामले की लिखित शिकायत थाना प्रभारी को भेजी है। शिकायत में घटना की निष्पक्ष जांच, संबंधित सर्विस इंजीनियर और कंपनी की भूमिका की पड़ताल तथा तकनीकी लापरवाही पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है।
सिविल सर्जन बोले- मशीन में आई खामी से हुआ हादसा
सिविल सर्जन देवेंद्र पैकरा ने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान कॉटरी मशीन में स्पार्किंग के बाद आग लगी। यह तकनीकी खामी के कारण हुआ। घटना से एक दिन पहले मशीन की जांच की गई थी। डॉक्टरों की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टल गई और सुरक्षित प्रसव कराया गया।
इस घटना ने जिला अस्पताल की तकनीकी व्यवस्था और उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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