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छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30: युवाओं को 10 लाख तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ का कैपिटल फंड

रायपुर। छत्तीसगढ़ अब खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की पहचान से आगे बढ़ते हुए नवाचार और उद्यमिता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी ...




रायपुर। छत्तीसगढ़ अब खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की पहचान से आगे बढ़ते हुए नवाचार और उद्यमिता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” लागू की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लाई गई इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और युवाओं को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है।


सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5,000 से अधिक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप कैपिटल फंड बनाया गया है, वहीं नए स्टार्टअप्स को अपने आइडिया को विकसित करने के लिए 10 लाख रुपए तक की सीड फंडिंग देने का प्रावधान रखा गया है।


स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और सब्सिडी


नई नीति में स्टार्टअप्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत उद्यमियों को 1 करोड़ रुपए तक बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 50 लाख रुपए तक के बैंक लोन पर 75 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जोखिम को कम करने के लिए 50 करोड़ रुपए का क्रेडिट रिस्क फंड भी तैयार किया जाएगा।


रोजगार सृजन को मिलेगा प्रोत्साहन


सरकार ने इस नीति में रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी है। यदि कोई स्टार्टअप 10 से अधिक लोगों को रोजगार देता है, तो उसे विशेष शासकीय प्रोत्साहन मिलेगा। महिला कर्मचारियों के लिए 6000 रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5000 रुपए प्रति माह वेतन अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।


टैक्स छूट और अन्य सुविधाएँ


स्टार्टअप्स की शुरुआती लागत कम करने के लिए कई तरह की छूट भी दी जा रही है। नई नीति के तहत स्टाम्प ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट, किराए पर 15 हजार रुपए प्रति माह तक 40 प्रतिशत सब्सिडी और पेटेंट व गुणवत्ता प्रमाणन पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे नए उद्यमियों को अपने व्यवसाय को स्थापित करने में बड़ी राहत मिलेगी।


बस्तर और सरगुजा को मिलेगा अतिरिक्त लाभ


सरकार ने दूरस्थ क्षेत्रों को भी इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया है। बस्तर और सरगुजा में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान रखा गया है, ताकि इन क्षेत्रों के युवा भी उद्यमिता की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।


नया रायपुर को बनाया जा रहा स्टार्टअप हब


राज्य सरकार नया रायपुर (अटल नगर) को आईटी और स्टार्टअप हब के रूप में विकसित कर रही है। यहां आईटी पार्क, डेटा सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में इनोवेशन लैब, इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप क्लब शुरू किए जा रहे हैं।


सामाजिक क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा


नई स्टार्टअप नीति के तहत कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे तकनीक आधारित समाधान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।


विजन 2047 की दिशा में पहल


छत्तीसगढ़ सरकार ने “अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विजन 2047” के तहत राज्य को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा है। नई स्टार्टअप नीति इसी विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरणा मिलेगी।


सरकार को उम्मीद है कि यदि यह नीति सफल रहती है तो अगले पांच वर्षों में प्रदेश में हजारों नए स्टार्टअप्स स्थापित होंगे और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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