रायपुर, 16 फरवरी 2026/ MATS University के अंग्रेजी विभाग द्वारा “लिटरेरी स्टडीज का भविष्य: अंतर्विषयकता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक जुड़ाव” विष...
रायपुर, 16 फरवरी 2026/ MATS University के अंग्रेजी विभाग द्वारा “लिटरेरी स्टडीज का भविष्य: अंतर्विषयकता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक जुड़ाव” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट शिक्षाविद् डॉ. सुपर्णा कारकुण ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।
अपने व्याख्यान में उन्होंने साहित्यिक अनुसंधान के विस्तारित अंतर्विषयक दायरे पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज साहित्य सांस्कृतिक अध्ययन, समाजशास्त्र, मीडिया, चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों से गहराई से जुड़ रहा है। उन्होंने शोधार्थियों को डिजिटल मानविकी और चिकित्सा मानविकी जैसे उभरते क्षेत्रों से परिचित कराया तथा बताया कि तकनीकी उपकरण मौखिक परंपराओं को डिजिटल अभिलेखागार के रूप में संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वक्ता ने साहित्य को किसी भी अध्ययन और अनुसंधान के केंद्र में बताते हुए कहा कि यह इको-फेमिनिज्म और क्लाइमेट फिक्शन जैसे दृष्टिकोणों से भी जुड़ सकता है, साथ ही लेखन में पाठकों को ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्तियों और सहयोगात्मक अनुसंधान में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना दास सरखेल ने पुस्तकों और पठन संस्कृति के स्थायी महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को मूल ग्रंथों के अध्ययन और आलोचनात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने शैक्षणिक कार्य में एआई उपकरणों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग की भी बात कही।
व्याख्यान के अंत में इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों और शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने प्रश्न रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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