कॉग्निज़ेंट के डेटा साइंटिस्ट सोनू अग्रवाल ने सैद्धांतिक व व्यावहारिक पहलुओं से कराया रूबरू रायपुर, 17 जनवरी 2026। मैट्स विश्वविद्यालय, रायप...
कॉग्निज़ेंट के डेटा साइंटिस्ट सोनू अग्रवाल ने सैद्धांतिक व व्यावहारिक पहलुओं से कराया रूबरू
रायपुर, 17 जनवरी 2026। मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के स्कूल ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा शुक्रवार को “जेनरेटिव एवं एजेंटिक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक ज्ञानवर्धक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र में कॉग्निज़ेंट के डेटा वैज्ञानिक श्री सोनू अग्रवाल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई की बदलती दुनिया से रूबरू कराया।
कार्यक्रम में छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। व्याख्यान के दौरान सैद्धांतिक अवधारणाओं के साथ लाइव और व्यावहारिक डेमो प्रस्तुत किए गए, जिससे प्रतिभागियों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के विकासक्रम—वर्णनात्मक (Descriptive) और पूर्वानुमानात्मक (Predictive) एआई से लेकर आधुनिक जेनरेटिव और एजेंटिक एआई—की स्पष्ट और सरल समझ मिली।
भविष्य की टेक्नोलॉजी से हुआ सीधा परिचय
विशेषज्ञ वक्ता श्री अग्रवाल ने बताया कि जेनरेटिव और एजेंटिक एआई किस तरह ऑटोमेशन, निर्णय क्षमता और स्मार्ट सिस्टम्स को नया आयाम दे रहे हैं। इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से छात्रों को अत्याधुनिक एआई टूल्स, उद्योग में इनके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इससे छात्रों के तकनीकी ज्ञान, रोजगारयोग्यता और करियर की तैयारी को नई दिशा मिली।
अकादमिक और उद्योग के बीच सेतु
स्कूल ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश चंद्राकर ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम अकादमिक जगत और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और उद्योग-संगत शिक्षा प्रदान करना है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का प्रोत्साहन
इस अवसर पर कुलपति डॉ. के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया एवं कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण और अनुभवात्मक अधिगम के प्रति मैट्स विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
वहीं, कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के साथ संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों ने एआई के भविष्य, करियर अवसरों और शोध संभावनाओं पर जिज्ञासाएं रखीं।
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