भोपाल : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब देश में सबसे तेज़ गति से विकास करने वाला राज्य बन गया...
भोपाल
: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि
मध्यप्रदेश अब देश में सबसे तेज़ गति से विकास करने वाला राज्य बन गया है।
बीते सालों की वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से अलग रहकर अनेकानेक चुनौतियों और
संसाधनों के अभाव से उबरकर प्रदेश ने जिस रफ्तार से प्रगति की है, वह पूरे
देश को अभिप्रेरित करती है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सिंचाई, उद्योग,
ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य सुधार, खनन, फार्मा, नवकरणीय ऊर्जा और वृहद
संख्या में आधारभूत अवसंरचनाएं, हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज अग्रणी
राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपनी नई
सोच, उद्यमशीलता, प्रगतिशील दृष्टिकोण और नवाचारों के माध्यम से विकास के
ऐसे मानक स्थापित किए हैं, जिनका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं।
केंद्रीय
गृहमंत्री श्री शाह गुरुवार को भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री
अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती के विशेष अवसर पर ग्वालियर के
मेला मैदान में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” को संबोधित कर रहे
थे।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व की
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और नि:संदेह यह तय है कि इस
ऐतिहासिक उपलब्धि में मध्यप्रदेश का योगदान सबसे बड़ा होगा। उन्होंने
प्रदेश के नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यहां
निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, स्पष्ट नीतियां और मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई
देती है। इन्हीं सभी प्लस फैक्टर्स से ही मध्यप्रदेश ने इस साल देश में बड़ी
संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश ने
देश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
इस अवसर पर गृह मंत्री श्री शाह
ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश लागत से प्रदेश के विभिन्न अंचलों
में स्थापित होने वाली हजारों औद्योगिक एवं निर्माण इकाइयों का सामूहिक
भूमिपूजन किया। गृह मंत्रीश्री शाह ने मंच से 5,810 करोड़ रुपए लागत से
औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण कर 860 वृहद
औद्योगिक इकाईयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि सिंगल
क्लिक से वितरित की। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने मध्यप्रदेश में बीते
दो साल में हुए औद्योगिक विकास पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक और निवेश
पुस्तिका का विमोचन भी किया। गृह मंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश में
सायबर अपराधों को समुचित तरीके से हैंडल करने के लिये प्रदेश में ई-जीरो
एफआईआर की शुरूआत भी की। नईदिल्ली के बाद ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश दूसरा
राज्य है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने मंच से चार निवेशकों को भूमि
आवंटन पत्र एवं लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किए। इनमें मैक्केन ग्रुप के
डायरेक्टर श्री अमिताभ बक्शी, एलएनजे (भीलवाड़ा समूह) के चेयरमैन श्री रिजु
झुनझुनवाला, ग्रीन वेंट प्रा. लि. के श्री आशीष कुमार उपाध्याय तथा नेचर्स
बायो फूड्स के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेश जायसवाल शामिल हैं। गृह मंत्री
श्री शाह ने मंच से 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं
एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण कर 860 वृहद औद्योगिक इकाईयों को 725
करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की।
इस अवसर पर ग्वालियर जिले में 153.04 करोड़ रुपए की लागत वाले 57 निर्माण
कार्यों का लोकार्पण एवं 23.79 करोड़ रुपए लागत के 13 निर्माण कार्यों का
भूमिपूजन भी किया गया।
प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगपतियों का किया सम्मान
केंद्रीय
गृह मंत्री श्री शाह एवं अतिथियों द्वारा प्रदेश में उच्च रोजगार सृजन
करने वाले उद्योगपतियों का सम्मान किया गया। इनमें वीई कमर्शियल व्हीकल्स
के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्री बी. श्रीनिवास, वर्धमान ग्रुप के सीनियर
प्रेसिडेंट श्री राजीव आगरा, न्यू जील फैशन वेयर के प्रबंध संचालक श्री
दीनबंधु त्रिवेदी और गोकलदास एक्सपोर्ट्स के कार्यकारी संचालक श्री प्रभात
सिंह शामिल हैं। विजन 2047 पर आधारित औद्योगिक विकास यात्रा पर लगाई गई
प्रदर्शनी का केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह एवं अन्य अतिथियों ने अवलोकन
किया। प्रदेश सरकार द्वारा विकास 2 वर्षों में औद्योगिक निवेश और आर्थिक
विकास के लिए किए गए प्रयासों तथा ई-जीरो एफआईआर की जानकारी पर आधारित लघु
फिल्म का प्रदर्शन किया । साथ ही रिसोर्सेस, रिफॉर्म्स एंड राइज कॉफी टेबल
बुक का विमोचन किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 2 लाख
करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक निर्माण कार्यों का एक साथ भूमिपूजन हुआ
है। यह बताता है कि राज्य सरकार कितनी तेजी से मध्यप्रदेश का औद्योगिक
विकास करना चाहती है। उद्यम से उद्योग स्थापित होता है और उद्योगों से
रोजगार सृजित होते हैं। हर हाथ को काम मिलता है। इसी से देश की
अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उद्योग और अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक
हैं। मध्यप्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास के लिए उठाया जा रहा हर कदम
देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रहा है।
केंद्रीय
गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा है कि स्वर्गीय अटल जी की जयंती
पर आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट से राज्य के विकास को गति मिलेगी।
ग्वालियर क्षेत्र ने सालों से देश को ऊर्जा और गति दी है। मुगलों के साथ
संघर्ष के समय भी ग्वालियर क्षेत्र में थाना लगाया गया था। तानसेन के संगीत
ने देश की सांस्कृतिक विरासत को नई गति दी है। इसी क्षेत्र में आजादी के
कालखंड और देश की आजादी के बाद सेना और पैरा मिलिट्री फोर्स में सर्वाधिक
जवान देने का कार्य किया है। ग्वालियर की भूमि ने ही स्व. अटल जी को विराट
व्यक्तित्व प्रदान किया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सभा में हिन्दी में
भाषण देकर हिंदी को गौरव दिलाया। अटलजी के नेतृत्व में ही देश में पहली बार
जनजातीय कार्य विभाग बना और जनजातीय कल्याण को गति मिली। अटलजी जब
प्रधानमंत्री बने तब देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को उतना महत्व नहीं दिया जाता
था। अटलजी ने देश को सड़क विकास परियोजनाओं को सौगात दी। उन्होंने देश को
परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया। करगिल युद्ध में विजय अटलजी के दृढ़ निश्चयी
महान व्यक्तित्व का परिचायक है। अटलजी राजनीति के महामानव थे, अजात शत्रु
थे, वे सच्चे अर्थों में युग दृष्टा थे। श्री शाह ने स्व. अटल जी के साथ
पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती और श्री सी. राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि के
अवसर पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह
ने मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि
देश में इंडस्ट्रियल समिट की शुरुआत श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के
मुख्यमंत्री के रूप में की थी। वाइब्रेंट गुजरात समिट के माध्यम से राज्य
में निवेश आता था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते
हुए राज्य के संतुलित विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव की शुरुआत
की। यह मध्यप्रदेश के अंदर सभी क्षेत्रों में निवेश का आधार बना है। भविष्य
में सभी राज्यों में ऐसे प्रयास किए जाएंगे। विकास के लिए राज्यों का
संतुलित आवश्यक है। अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की अलग संभावनाएं होती है।
धार में पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।
मध्यप्रदेश में भौगोलिक क्षेत्र के आधार आयोजित हो रही निवेश समिट से राज्य
के विकास को नई दिशा मिल रही है। आज ग्वालियर में 2 लाख करोड़ से अधिक
लोकार्पण और भूमिपूजन हुए हैं। विपक्षी दलों की सरकार में मध्यप्रदेश एक
बीमारू राज्य हुआ करता था। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इस
राज्य को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर लेकर आए। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश
में सड़क एवं सिंचाई के लिए विकास कार्य हो रहे हैं। सिंचाई के रकबे में 17
प्रतिशत बढ़त हासिल हुई है। मध्यप्रदेश ने पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़कर
सात बार लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार जीता है। मध्यप्रदेश की देश में
केन्द्रीय और आकर्षक भौगोलिक स्थिति का शत-प्रतिशत दोहन करने के लिए इंदौर
में एक मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यह देश विदेश के
निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित कर रहा है। आज मध्यप्रदेश के पास
सरप्लस बिजली है। स्वच्छता में भी मध्यप्रदेश ने सबको पीछे छोड़ा है।
मेट्रो परिचालन देश में सबसे सस्ता मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में कृषि,
टूरिज्म, उद्योग हर क्षेत्र में नए उद्योग-धंधे लगे हैं और नए स्टार्टअप भी
विकसित हुए हैं। इन स्टार्टअप में से 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं
संचालित कर रही हैं। मध्यप्रदेश ने एक साल में 4.57 लाख से अधिक नई एमएसएमई
यूनिट पंजीकृत करने का रिकॉर्ड बनाया है। मध्यप्रदेश लघु एवं कुटीर उद्योग
में देश का कॉटेज इंडस्ट्री हब बनने जा रहा है।
केन्द्रीय गृह
मंत्री श्री शाह ने कहा कि देश का पहला पीएम मित्रा पार्क फाइव-एफ के विजन
पर आधारित है, इसका सर्वाधिक लाभ किसानों को ही मिलने वाला है। यहां फार्म
से फाइवर, फाइवर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन एक्सपोर्ट
तक की सभी व्यवस्था होगी। मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उल्लेखनीय
कार्य किया है। इस मामले में भारत जल्द ही दुनिया में ग्लोबल लीडर बनेगा।
हम सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेंगे और इसका निर्यात भी करेंगे।
भारत ने डिजिटल इंडिया में सबसे अधिक विकास किया है। सितंबर 2025 तक देश
में 125 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं। यूपीआई के माध्यम से फिनटेक सेक्टर में
बड़ी छलांग लगाई है। विश्व के कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन में 50 प्रतिशत भारत
में हुए हैं। भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन निर्माण में बड़ी उपलब्धि
हासिल की है। आज विश्व की 60 प्रतिशत वैक्सीन भारत में बनती है। खिलौनों के
निर्माण और सैन्य उपकरणों के निर्माण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में एक लाख 50 हजार किलोमीटर नए
राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। देश में अब 163 हवाईअड्डे हैं। देश में 164
वंदेभारत ट्रेन हैं और इनके कलपुर्जे मध्यप्रदेश में बनेंगे। देश में 23
मेट्रो कनेक्टेड शहर हैं। आज देश की 2 लाख 14 हजार पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर
से कनेक्टेड हैं।
केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने मध्यप्रदेश के
युवाओं और निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि वे बेहिचक मध्यप्रदेश में अपने
उद्यम और उद्योग लगाएं। मध्यप्रदेश इतना अधिक उपजाऊ है कि यहां कुछ रुपया
निवेश करके करोड़ों कमाए जा सकते हैं। इस दिशा में राज्य सरकार ने निसंदेह
अभिनव पहल की है। मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय विकास और आर्थिक संतुलन में
उद्योग एवं निवेश एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश गढ़ रहा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का नया मॉडल - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के
कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और समावेशी
विकास का एक नया मॉडल गढ़ रहा है। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट से प्रदेश
में औद्योगिक विस्तार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर
रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब साकार होती
संभावनाओं का अग्रणी केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन
प्रदेश के उज्जवल औद्योगिक भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा
है। मध्यप्रदेश, देश का दिल होने के साथ-साथ देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का
प्रमुख पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनायें लिए हुए है।
देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय,
उद्योग-धंधे लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम
केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को “भारत का विकास और
अवसरों का केंद्र” बताते हुए सभी निवेशकों से प्रदेश में निवेश जरूर करने
की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन चुनिंदा राज्यों में है,
जहाँ प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और
स्थिर शासन—सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी कई विशिष्ट पहचानों के कारण पूरे देश
में अद्वितीय है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई
उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड
मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन
निवेशकों को सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने
कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा,
आईटी और पेट्रोकेमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टरों में निवेश के व्यापक अवसर
उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ शिक्षा,
अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए
आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीमोदी के नेतृत्व में भारत
विश्व के विश्वसनीय विकास साझेदार के रूप में स्थापित हो रहा है।
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने
निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ
दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। निवेशक भारत के दिल से
जुड़े रहे। मध्यप्रदेश भी हमेशा निवेशकों के साथ सहयोग और साझेदारी करने
में पीछे नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य
सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए
हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष एवं राजनीति
के अजातशत्रु थे। मुख्यमंत्री ने स्व. अटल जी की 101वीं जयंती के अवसर पर
उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गरीब, किसान,
महिला एवं युवाओं के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं गृहमंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में
मध्यप्रदेश इसी 11 दिसंबर को नक्सलवाद की समस्या से पूर्णत: मुक्त हो चुका
है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये
हर संभव कोशिश कर रही है। मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
धरातल पर उतर रहे हैं। अटलजी की जयंती के अवसर पर प्रदेश के साथ ग्वालियर
को भी बड़ी सौगातें मिल रही हैं।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर
क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह मध्यप्रदेश
के अभ्युदय का समय है। ग्वालियर की धरती से आज प्रदेश के विकास को एक गति
मिली है। उन्होंने ग्वालियर आये सभी निवेशकों एवं उद्योगपतियों का हृदय से
स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रदेश का प्रवेश द्वार है। स्व. अटल जी जैसे
मूर्धन्य राजनेता देने वाले इस शहर ने देश और दुनिया को नई सोच और नये
विचार दिए हैं।
केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि यह
दिवस अटल जी के सम्मान में केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का दिवस
है। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी
जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित यह ग्रोथ समिट विकास के एक मजबूत
स्तंभ की स्थापना जैसा है। स्व.अटल जी के आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात
करते हुए आज विकास की ठोस नींव रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन किसी
भी राष्ट्र की जड़ों को मजबूत करता है। जैसे वृक्ष की वृद्धि उसकी मजबूत
जड़ों पर निर्भर करती है, उसी प्रकार देश का विकास सुशासन के आधार पर आगे
बढ़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सुशासन आज सरकार की
कार्यप्रणाली का मूल आधार बन चुका है।
केंद्रीय मंत्रीश्री सिंधिया
ने कहा कि देश में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और कानून व्यवस्था को वैश्विक
स्तर पर सराहना मिली है। अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के बाद देश में शांति और
स्थिरता का वातावरण स्थापित हुआ है। नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध
प्रभावी कार्रवाई कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने
कहा कि यह दृढ़ नेतृत्व और स्पष्ट निर्णय क्षमता का परिणाम है। केन्द्रीय
मंत्रीश्री सिंधिया ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी दूरदृष्टा
नेता थे। उनके लिए राजनीति सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि
परिवर्तन और राष्ट्र सेवा का साधन थी। उनका जीवन संघर्ष, संवेदनशीलता और
सिद्धांतों का अद्भुत संगम रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत जनसेवा और
जनभागीदारी के माध्यम से वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर
रहा है। यह विकास यात्रा स्व.अटल जी के विचारों और प्रधानमंत्री श्री मोदी
के नेतृत्व का सजीव उदाहरण है। श्री सिंधिया ने कहा कि अटल जी का जीवन,
उनकी कविताएं और उनके विचार आज भी देश को दिशा देने का कार्य करते हैं।
सुशासन और जनकल्याण ही किसी भी सरकार का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए। यही
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सच्ची विरासत है।
विधानसभा
अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतरत्न, पूर्व
प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के व्यक्तित्व और
कृतित्व को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि
शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन होना वास्तव में सोने पर
सुहागा है। इस अवसर पर जिले की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन का कार्य
संपन्न हो रहा है, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।
साथ ही ग्वालियर द्वारा वर्ष 1905 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ग्वालियर
मेले का शुभारंभ भी किया गया है, जो स्थानीय परंपरा और आर्थिक गतिविधियों
का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि
आज के दिन अटल म्यूजियम का लोकार्पण होना गौरव की बात है। यह म्यूजियम
श्रद्धेय अटल जी की स्मृतियों, विचारों और सार्वजनिक जीवन की झलक को संजोए
हुए है। उन्होंने कहा कि अटल म्यूजियम आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के
आदर्शों, मूल्यों और आचरण से परिचित कराएगा तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण के
लिए प्रेरित करेगा। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि विचार और प्रेरणा का
केंद्र है, जो समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगा।
वरिष्ठ
विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज का दिन
क्षेत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा भारत रत्न, पूर्व
प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के
पावन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन अपने आप में विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धेय स्व.अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत की आत्मा की आवाज
थे। उनका चिंतन, उनकी वाणी और उनका नेतृत्व राष्ट्र को एक सूत्र में
बांधने वाला था। अटल जी ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और अथक परिश्रम से देश को
विकास की नई दिशा दी और भारत को निवेश के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य के रूप
में स्थापित करने की मजबूत नींव रखी। श्री खंडेलवाल ने कहा कि अटल जी का
जीवन, उनका आचरण और उनके आदर्श हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने
उपस्थित जनसमूह से आहवान किया कि हम सभी स्व. अटल जी के मूल्यों को आत्मसात
करें और उन्हें अपने व्यवहार एवं सार्वजनिक जीवन में उतारने का संकल्प
लें। उन्होंने कहा कि अटल जी का एक-एक वाक्य हमारे जीवन के लिए आदर्श सूत्र
की तरह है, जो हमें राष्ट्र, समाज और कर्तव्य के प्रति निरंतर प्रेरित
करता रहेगा।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख
सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि भारत रत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री
श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर आयोजित
अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में
एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के
दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज अपने औद्योगिक इतिहास के एक नए
स्वर्णिम अध्याय की ओर अग्रसर है। यह कार्यक्रम केवल निवेश और परियोजनाओं
की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों और
श्रमिकों के सपनों को साकार करने का मंच है। विभिन्न उद्योगों और रोजगार
योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बने लाभार्थी आज हमारे समक्ष उपस्थित हैं,
जो इस विकास यात्रा के प्रत्यक्ष साक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के
विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत ऊर्जावान युवा इस आयोजन से वर्चुअल
माध्यम से जुड़े हैं और सभी संभाग स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा
है, जिससे औद्योगिक विकास की यह भावना प्रदेश के हर कोने तक पहुँच रही है।
प्रमुख
सचिव श्री सिंह ने बताया कि आज इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश में 1,118
नवीन औद्योगिक इकाईयों/ परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिनमें
2.17 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं
से 1,93,772 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जो समावेशी और संतुलित
विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 5,010.1
करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों एवं अन्य
महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी सम्पन्न
हुआ। इनमें औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत 2,806.7
करोड़ रु., मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के अंतर्गत 1,018.1 करोड़
रु., भवन विकास निगम के अंतर्गत 910.8 करोड़ रु. तथा सूक्ष्म, लघु एवं
मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत 274.5 करोड़ रु. की परियोजनाएँ शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वृहद उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को सशक्त बनाने के
लिये 860 इकाइयों को 725 करोड़ रु. से अधिक की निवेश प्रोत्साहन सहायता भी
इस मौके पर वितरित की जा रही है, इससे उद्योगों को गति और निवेशकों को
विश्वास मिलेगा।
प्रमुख सचिवश्री सिंह ने बताया कि साइबर वित्तीय
अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की सुविधा का
शुभारंभ किया जा रहा है। साथ ही निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं
और उपलब्ध अवसरों की समग्र जानकारी देने के लिये कॉफी टेबल बुक तथा ग्राउंड
ब्रेकिंग सेरेमनी बुकलेट का भी विमोचन किया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि
यह आयोजन मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश का एक भरोसेमंद और अग्रणी केंद्र
बनाने की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है।
कार्यक्रम में जल संसाधन
एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण
मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री
एदल सिंह कंषाना, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला,
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, सांसद श्री भारत
सिंह कुशवाह, श्री महेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, सांसद
भिण्ड श्रीमती संध्या राय, सांसद मुरैना श्री शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य
जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। जेके टायर के प्रबंध निदेशक श्री अंशुमन
सिंघानिया, प्रबंध निदेशक ग्रीनको श्री अनिल कुमार चलामला सेट्टी, एलेक्जर
इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री अरुण गोयल, दलित चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड
इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद कामले, एलएनजे भीलवाड़ा समूह के चेयरमेन
श्री रिजू झुनझुनवाला, सर्विस एक्सपोर्ट काउंसिल के डायरेक्टर जनरल श्री
अभय सिन्हा, सीआईआई के अध्यक्ष श्री आशीष वैश्य, रमनीक पॉवर के डायरेक्टर
कम प्रमोटर श्री आशीष त्रिवेदी, न्यू जील फैशन वियर के अध्यक्ष श्री
दीनबंधु त्रिवेदी, इनशोलेशन ग्रीन एनर्जी के अध्यक्ष श्री मनीष गुप्ता,
डाबर इंडिया के सीईओ श्री मोहित मल्होत्रा, टोरेंट पॉवर के निदेशक श्री
जिगिश मेहता, गौतम सोलर प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष श्री गौतम मोहंका,
सागर ग्रुप के अध्यक्ष श्री सुधीर अग्रवाल, कॉस्मिक पीवी पॉवर के अध्यक्ष
श्री जेनीश घाऐल, मैकेन फूड के निदेशक श्री अमिताभ बख्शी, प्रेस्टीज ग्रुप
के प्रमोटर कम डायरेक्टर श्री हिमांशु जैन, गोकलदास एक्सपोर्ट के डायरेक्टर
श्री प्रभास सिंह सहित औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं उद्योगपति भी
इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारत रत्न अटल जी की कलात्मक तस्वीर ने मन मोहा
ग्वालियर
के मेला मैदान में आयोजित हुई “मध्यप्रदेश अभ्युदय ग्रोथ समिट” के मुख्य
मंच पर सजी भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की
भव्य एवं भावपूर्ण तस्वीर (पोट्रेट) ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित
मंचासीन गणमान्य अतिथियों ने इस चित्र के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की।
संयमित रंग-संयोजन, सूक्ष्म रेखांकन और मुखमंडल पर उकेरी गई सहज करुणा व
राष्ट्रभाव ने अतिथियों को ठहरकर इस तस्वीर को देखने को विवश कर दिया।
चित्र में अटल जी की दृष्टि भविष्य की ओर आश्वस्त होकर देखती प्रतीत हो रही
थी। ऐसा लग रहा था मानो अटल जी विकास, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का
संदेश दे रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी की यह प्रभावशाली तस्वीर शासकीय ललित
कला महाविद्यालय, ग्वालियर के प्रो. एवं ख्यात चित्रकार श्री उमेंद्र वर्मा
द्वारा तैयार की गई है। यह चित्र ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान
के आग्रह पर विशेष रूप से बनाया गया, जिससे समिट के मंच पर अटल जी की
प्रेरणा सजीव रूप में उपस्थित रहे।
पराली से गढ़ी अटल जी की प्रतिमा भेंट की
मध्यप्रदेश
अभ्युदय ग्रोथ समिट के अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली से निर्मित भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री
स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आकर्षक प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में
भेंट की। यह विशिष्ट एवं पर्यावरण–संवेदनशील कलाकृति नव उद्यमी श्री शुभम
सिंह की क्राफ्ट कंपनी द्वारा तैयार की गई है। पराली जैसे साधारण कृषि
अवशेष से साकार की गई अटल जी की यह प्रतिमा रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण व
नवाचार का संदेश दे रही थी।
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